स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्रचारी से 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद शानदार लक्ष्य तय किया है। पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत का उद्देश्य 2036 के ओलंपिक खेलों में हर एक खेल स्पर्धा करना है। पीएम ने बताया कि इसके लिए गांव-गांव से टैलेंट की खोज की जाएगी।
इस विजन को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट कार्यक्रम का ऐलान किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के गांग-गांव से टैलेंटेड बच्चों को खोजना और उन्हें शुरुआत से ही विश्व स्तरीय कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और हर संभव सहयोग प्रदान करना है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि अगर भारत को ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर अपना दबदबा बनाना है तो देश को अपने खेल के दायरे को काफी बढ़ाना होगा और खिलाड़ियों को हर विधा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना होगा।
भारत ने कसी 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए कमर
पीएम की यह ऐतिहासिक घोषणा ऐसे समय में आई है, जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए कमर कस रहा है, जिनका आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होना है। 2026 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के दौरान आधिकारिक तौर पर यह जिम्मेदारी भारत को सौंपी गई। साल 1930 में शुरू हुए इन खेलों का यह 100वां साल होगा, जिसकी मेजबानी का गौरव भारत को मिला है। 2010 में नई दिल्ली के बाद अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने वाला भारत का दूसरा शहर बनेगा। ग्लासगो में भारत ने 39 मेडल जीते।
अहमदाबाद करेगा मेजबानी
अहमदाबाद में होने वाले 2030 के इन खेलों का मुख्य केंद्र नरेंद्र मोदी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स रहेगा, जिसके आसपास प्रमुख खेल आयोजनों के लिए भव्य बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इस आयोजन में पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ कुछ पारंपरिक भारतीय खेलों को भी शामिल करने की योजना है, ताकि पदक तालिका में भारत अपनी स्थिति और मजबूत कर सके। यह आयोजन भारत के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने का एक बेहतरीन जरिया बनेगा। वहीं, भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की होड़ में बना हुआ है।
