PM Modi Speech at Red Fort: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकट, युद्ध के बदलते स्वरूप और भारत की तैयारी के बारे में जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध का स्वरूप बदल गया है। अब सीमा पर जाकर युद्ध नहीं लड़े जा रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध एवं ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध की तरफ इशारा करते हुए पीएम ने कहा कि अब से निशाना बनाया जा रहा है। देशों की रिफाइनरियों, डेटा सेंटर, बैंक और बुनियादी संरचनाओं पर हमले हो रहे हैं। इसे देखते हुए भारत भी खुद को तैयार कर रहा है।
पीएम ने कहा कि देश के सुरक्षा घेरे को पुख्ता बनाने के लिए सुदर्शन चक्र पर तेजी से काम चल रहा है। युद्ध के समय सिविल डिफेंस की भूमिका बताते हुए पीएम ने कहा कि विगत दशकों में भारत का सिविल डिफेंस बहुत मजबूत और प्रभावी रहा है लेकिन मौजूदा खतरों को देखते हुए सरकार ने अपने नागरिकों को प्रशिक्षित करने का फैसला किया है। आने वाले समय में नागरिकों को युद्ध के आधुनिक खतरों एवं चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रक्षिण के लिए सरकार बड़ा नेटवर्क तैयार कर रही है।
क्या है भारत का ‘सुदर्शन चक्र’?
‘सुदर्शन चक्र’ नाम से भारत देश की इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस प्रणाली पर काम कर रहा है। यह एक व्यापक रक्षा कवच के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल, रॉकेट और अन्य हवाई खतरों को देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण ठिकानों तक पहुंचने से पहले रोकना और इन हमलों का जवाब देना है। इस तरह की बहुस्तरीय एयर डिफेंस व्यवस्था में अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर काम करने वाली मिसाइल प्रणालियां, रडार, सेंसर और कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क एक साथ काम करते हैं। भारत के पास S-400, आकाश, MR-SAM और स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणालियां जैसी क्षमताएं पहले से मौजूद हैं। अब इसमें अन्य रक्षा प्रणालियों को भी जोड़ा जा रहा है। ‘सुदर्शन चक्र’ की अवधारणा का लक्ष्य इन क्षमताओं को और अधिक नेटवर्क-केंद्रित, स्वदेशी और बहुस्तरीय बनाना है, ताकि किसी भी हवाई हमले के खिलाफ सुरक्षा की कई परतें मौजूद रहें। नाम भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित है, जो सुरक्षा और निर्णायक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 'सप्तधारा' विजन का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि इस सात क्षेत्रों पर देश को महारत हासिल करनी होगी। ये सात क्षेत्र हैं-
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
- फूड प्रोसेसिंग
- तकनीक
- गतिशक्ति
- रक्षा शक्ति
- ग्रीन इकोनॉमी
- सॉफ्ट पावर
विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करेंगे-पीएम
विकसित भारत की जरूरतों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक संकट की तरफ इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है और इस संकल्प को वह पूरा करेंगे। पीएम ने कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर होकर नहीं रह सकता। अपने हितों की हमें खुद रक्षा करनी होगी।
प्रौद्योगिकी में बढ़ रही क्रिटिकल मिनरल्स की भूमिका-पीएम
तकनीक एवं प्रौद्योगिकी में दुर्लभ खनिज तत्वों की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि दुनिया में एनर्जी का महत्व बढ़ता जा रहा है। क्रिटिकल मिनरल के क्षेत्र में भारत को खुद सुरक्षित कर रहा है। भारत अपनी क्षमताएं बढ़ा रहा है। पीएम ने कहा कि हमने एनर्जी के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए हैं। विकसित भारत के लिए भविष्य में हमें बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। देश की जरूरतों को देखते हुए सरकार 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।
