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हम किसानों को 3000 का यूरिया 300 रुपये में, 5000 का डीएपी 1350 रुपये में देते हैं, लाल किले से बोले पीएम मोदी

PM Modi Red Fort Speech: पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बड़े सपने और ऊंचे संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों को सस्ती यूरिया-डीएपी, आत्मनिर्भरता और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया।

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पीएम मोदी ने बताया कितने में मिल रहा यूरिया और डीएपी खाद

PM Modi Red Fort Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर ही महान बनता है। पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा। उन्होंने अपने भाषण में किसानों, आत्मनिर्भरता, वैश्वीकरण और देश की आर्थिक क्षमता समेत कई अहम मुद्दों पर बात की।

अब बड़े सपने और ऊंचे संकल्प जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़े सपने सिर्फ भविष्य की दिशा तय नहीं करते, बल्कि सोच का दायरा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने देशवासियों से कहा कि भारत को अब बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा। उनके मुताबिक, देश की बढ़ती क्षमता और युवाओं की ताकत को देखते हुए भारत के संकल्प भी उतने ही बड़े होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र तभी महान बनता है, जब उसके नागरिक बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए मिलकर प्रयास करते हैं।

किसानों के लिए यूरिया पर सरकार उठा रही बड़ा बोझ

प्रधानमंत्री ने किसानों को मिलने वाली यूरिया की कीमत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया का एक बोरा करीब 3,000 रुपये में मिलता है, लेकिन भारत में किसानों को यही यूरिया करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ नहीं डाल रही है और इस अंतर को सरकार अपने स्तर पर वहन कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों की खेती की लागत को नियंत्रित रखना और उन्हें खाद आसानी से उपलब्ध कराना है।

डीएपी की कीमत भी किसानों के लिए कम

पीएम मोदी ने डीएपी खाद की कीमत का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजार में डीएपी की कीमत करीब 5,000 रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन भारत में किसानों को यह लगभग 1,350 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों पर न पड़े। इससे किसानों को खेती के खर्च को संभालने में मदद मिलती है।

आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की बात शुरू की थी, तब कुछ लोग इसका मजाक उड़ाते थे और ग्लोबलाइजेशन का हवाला देते थे। लेकिन आज दुनिया की परिस्थितियां बदल गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में वैश्विक स्तर पर ऐसा माहौल बना है कि कई देश अपनी जरूरतों और क्षमताओं के आधार पर खुद को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

दुनिया में संसाधनों को हथियार बनाने का दौर

प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया के सामने एक नया संकट खड़ा हो रहा है। उनके मुताबिक, कुछ लोग अपने प्रभाव और ताकत का इस्तेमाल संसाधनों को हथियार के तौर पर करने के लिए कर रहे हैं। दुनिया के कई देश अपनी जरूरत की चीजों और संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे समय में भारत के लिए आत्मनिर्भरता और अपनी क्षमताओं को मजबूत करना बेहद जरूरी हो जाता है।

हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और महात्मा गांधी सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा है और हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि देश की उपलब्धियों को याद करने और भविष्य के लिए नए लक्ष्य तय करने का अवसर भी है।

लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम्

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मना रहा है, तब इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता। उन्होंने इसे देश के लिए गौरव और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया।

बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के साथ खड़ा देश

प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना भी जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि संकट से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। अपने संबोधन के जरिए प्रधानमंत्री ने एक तरफ किसानों को राहत और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया, वहीं दूसरी तरफ देशवासियों से बड़े लक्ष्य लेकर विकसित और मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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