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दिल्ली-एनसीआर में करीब 6 गुना बढ़े H1N1 के मामले, डॉक्टर ने बताए इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

H1N1 cases Delhi NCR: H1N1 को सिर्फ सामान्य या मौसमी फ्लू समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादातर लोग इससे ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर रूप ले सकता है।

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दिल्ली-एनसीआर में करीब 6 गुना बढ़े H1N1 के मामले

H1N1 cases Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में H1N1 के बढ़ते मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। इस सीजन में दिल्ली में H1N1 के 1,344 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी टाइम पर यह आंकड़ा सिर्फ 229 था। यानी मामलों में करीब छह गुना बढ़ोतरी हुई है। अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के पल्मोनोलॉजी विभाग के HOD डॉ. अर्जुन खन्ना के मुताबिक, इसे सिर्फ सामान्य या मौसमी फ्लू समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादातर लोग इससे ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर रूप ले सकता है।

दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामले क्यों चिंता की बात

H1N1 इन्फ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है और इसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और शरीर में दर्द जैसे इसके लक्षण काफी सामान्य लग सकते हैं। यही वजह है कि कई बार लोग इसे मामूली वायरल या मौसमी फ्लू समझकर घर पर ही इलाज करने लगते हैं।

लेकिन दिल्ली में इस सीजन में मामलों में हुई बड़ी बढ़ोतरी बताती है कि वायरस तेजी से फैल रहा है। डॉ. अर्जुन खन्ना का कहना है कि H1N1 को सिर्फ एक और फ्लू वायरस समझना सही नहीं है। ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण फेफड़ों और सांस से जुड़ी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

H1N1 संक्रमण किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा ज्यादा रहता है। खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसके अलावा डायबिटीज से जूझ रहे लोगों, दिल या फेफड़ों की पुरानी बीमारी वाले मरीजों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी संक्रमण के दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर ऐसे किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी या खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य वायरल समझकर कई दिनों तक इंतजार नहीं करना चाहिए।

H1N1 से फेफड़ों पर पड़ सकता है असर

इन्फ्लुएंजा संक्रमण कुछ मामलों में वायरल निमोनिया का कारण बन सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से अस्थमा या COPD जैसी फेफड़ों की बीमारी है, उनमें परेशानी बढ़ सकती है। गंभीर संक्रमण की स्थिति में सांस लेने में काफी दिक्कत हो सकती है और कुछ मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी पड़ सकती है। संक्रमण शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे दिल से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों में भी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए H1N1 को सिर्फ बुखार और खांसी की बीमारी समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

H1N1 और डेंगू COVID के लक्षणों में हो सकती है समानता

एक बड़ी परेशानी यह भी है कि H1N1 के लक्षण कई दूसरी बीमारियों से मिलते-जुलते हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसे लक्षण डेंगू, COVID-19 और दूसरे वायरल या सांस से जुड़े संक्रमणों में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में केवल लक्षण देखकर खुद यह तय करना कि आपको H1N1 ही है, सही तरीका नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच और मरीज की स्थिति के आधार पर आगे की सलाह देते हैं। इसलिए अगर बुखार लगातार बना हुआ है या लक्षणों में सुधार होने के बजाय परेशानी बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें सामान्य फ्लू समझकर घर पर नहीं छोड़ना चाहिए। अगर बुखार लगातार बना हुआ है, सांस फूल रही है, सांस लेने में परेशानी हो रही है, सीने में दर्द महसूस हो रहा है या ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। इसी तरह अगर कुछ दिनों के इलाज के बाद भी हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में ऐसे लक्षणों को ज्यादा गंभीरता से लेना चाहिए।

फ्लू वैक्सीन से गंभीर बीमारी का खतरा कम करने में मदद

H1N1 समेत इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए फ्लू वैक्सीनेशन भी एक महत्वपूर्ण उपाय है। हर साल फ्लू वायरस में बदलाव हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जरूरत के मुताबिक वार्षिक इन्फ्लुएंजा वैक्सीन की सलाह दे सकते हैं। खासकर उन लोगों को वैक्सीनेशन के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए जिन्हें फ्लू से गंभीर बीमारी का ज्यादा खतरा हो सकता है। हालांकि वैक्सीन संक्रमण को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देती, लेकिन इसका उद्देश्य फ्लू से होने वाली गंभीर बीमारी और जटिलताओं के खतरे को कम करना है।

H1N1 को लेकर सबसे जरूरी बात

दिल्ली में H1N1 के मामलों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए सबसे जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें। सामान्य फ्लू जैसे लक्षण होने पर आराम, पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। वहीं सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, ऑक्सीजन कम होना या लगातार बिगड़ते लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. अर्जुन खन्ना के मुताबिक, H1N1 को सिर्फ मौसमी फ्लू मानकर छोड़ देना सही नहीं है। खासकर कमजोर और हाई-रिस्क लोगों में समय पर पहचान और इलाज बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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