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हर दूसरे पुरुष को हो रही है पेट से जुड़ी परेशानी, डॉक्टर ने बताई पुरुषों में पेट की बीमारियां बढ़ने की बड़ी वजह

Digestive Disorders in Men: आजकल पुरुषों में एसिडिटी, कब्ज, फैटी लिवर और IBS जैसी पाचन समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है।

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पुरुषों में बढ़ती पेट की बीमारियों की वजह डॉक्टर से जानिए

Digestive Disorders in Men: क्या आपको अक्सर पेट भारी लगना, गैस बनना, सीने में जलन होना या कब्ज की परेशानी रहती है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। आजकल बड़ी संख्या में पुरुष (Men Health) पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ये दिक्कतें अब सिर्फ बढ़ती उम्र के लोगों में ही नहीं, बल्कि 20-30 साल के युवाओं में भी तेजी से देखी जा रही हैं।

सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. विकास जिंदल के अनुसार, इसके पीछे हमारी बदलती जीवनशैली सबसे बड़ी वजह है। बाहर का तला-भुना खाना, पैकेट वाले फूड्स, देर रात तक जागना, समय पर खाना न खाना और घंटों एक जगह बैठे रहना पेट की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है।

छोटी लगने वाली समस्याओं को न करें नजरअंदाज

कई पुरुष पेट फूलने, कब्ज रहने, बार-बार दस्त होने या सीने में जलन जैसी परेशानियों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो आगे चलकर पेट और लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शरीर के ऐसे संकेतों को हल्के में लेना ठीक नहीं है।

तनाव भी बिगाड़ रहा है पाचन

डॉ. जिंदल बताते हैं कि सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि लगातार तनाव भी पेट पर असर डालता है। जब व्यक्ति हर समय तनाव में रहता है तो उसका पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। यही वजह है कि तनाव के दौरान गैस, पेट दर्द और भूख से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

पेट का रिश्ता सिर्फ खाने से नहीं है

बहुत से लोग सोचते हैं कि पेट सिर्फ खाना पचाने का काम करता है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। पेट और आंतों की अच्छी सेहत शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता, वजन और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। अगर पेट स्वस्थ नहीं है तो नींद, मूड और ऊर्जा पर भी असर पड़ सकता है।

पेट को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

डॉ. विकास जिंदल सलाह देते हैं कि रोजाना घर का संतुलित भोजन खाएं, खाने में सलाद, फल और फाइबर वाली चीजें शामिल करें, पर्याप्त पानी पिएं और रोज थोड़ा-बहुत व्यायाम जरूर करें। साथ ही धूम्रपान और ज्यादा शराब से दूरी बनाएं। यदि परिवार में पेट या आंतों की बीमारी का इतिहास रहा है, तो समय-समय पर जांच करवाना भी जरूरी है। सही समय पर उठाया गया छोटा कदम भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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