Excess Iron: हम अक्सर सुनते हैं कि शरीर में आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। इसलिए कई लोग बिना जांच कराए ही आयरन की दवा या सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जरूरत से ज्यादा आयरन भी नुकसान पहुंचा सकता है? हाल ही में सेल डेथ डिस्कवरी (Cell Death Discovery) जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में सामने आया है कि शरीर में जरूरत से ज्यादा आयरन जमा होने पर दिमाग की कोशिकाएं (neuron health) कमजोर पड़ सकती हैं। इससे तनाव देने वाली परिस्थितियों का असर पहले से ज्यादा महसूस हो सकता है। यानी आयरन जरूरी है, लेकिन उसकी सही मात्रा होना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
स्टडी में क्या पता चला
रिसर्च के मुताबिक, जब शरीर में जरूरत से ज्यादा आयरन जमा होने लगता है, तो इसका असर दिमाग की उन कोशिकाओं पर पड़ता है जो उसे सही तरीके से काम करने में मदद करती हैं। ये कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं और तनाव या दूसरे नुकसान पहुंचाने वाले कारणों से खुद को पहले जितना अच्छी तरह नहीं बचा पातीं।
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लोग कहां कर रहे हैं गलती
आजकल कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के आयरन की गोलियां या सप्लीमेंट लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि ज्यादा आयरन मतलब ज्यादा ताकत। लेकिन स्टडी बताती है कि अगर शरीर में पहले से पर्याप्त आयरन है, तो अतिरिक्त आयरन फायदा नहीं बल्कि नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बिना जरूरत और बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सही आदत नहीं है।
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क्या आयरन खाना छोड़ देना चाहिए
बिल्कुल नहीं। आयरन शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर कमजोरी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन यह स्टडी बताती है कि आयरन की मात्रा हमेशा संतुलित होनी चाहिए। न बहुत कम और न ही जरूरत से ज्यादा।
इस रिसर्च से क्या सीख मिलती है
इस स्टडी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि कोई भी विटामिन या मिनरल अपनी मर्जी से नहीं लेना चाहिए। अगर आपको लगता है कि शरीर में आयरन की कमी है, तो पहले जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के बाद ही सप्लीमेंट लें। सही मात्रा में आयरन शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है, लेकिन जरूरत से ज्यादा आयरन भविष्य में परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए सेहत के मामले में अंदाजे से नहीं, सही सलाह के साथ ही फैसला लें।
