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कैल्शियम और विटामिन D क्यों हैं रीढ़ की हड्डी के लिए जरूरी? साथ लेने से क्या होता है असर

Calcium and Vitamin D Importance For Bones: रीढ़ की हड्डी और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम नहीं, विटामिन डी भी उतना ही जरूरी है। जानिए कैल्शियम और विटामिन डी का कॉम्बिनेशन कैसे हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव करता है और क्यों दोनों को साथ लेना सेहत के लिए फायदेमंद है।

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कैल्शियम और विटामिन D क्यों जरूरी

Calcium and Vitamin D Importance For Bones: आज के समय में रीढ़ की हड्डी की कमजोरी और जोड़ों का दर्द आम समस्या बन चुका है। कम उम्र में भी लोग कमर, गर्दन और घुटनों के दर्द से परेशान नजर आते हैं। अक्सर इसकी वजह सिर्फ कैल्शियम की कमी मानी जाती है, लेकिन सच यह है कि बिना विटामिन डी के कैल्शियम भी असरदार नहीं होता। रीढ़ और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए दोनों का साथ बेहद जरूरी है।

रीढ़ और जोड़ों की बढ़ती समस्याएं

रीढ़ की हड्डी कमजोर होने पर गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, बर्साइटिस और अर्थराइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। स्थिति गंभीर होने पर सर्जरी तक की नौबत आ जाती है। हैरानी की बात यह है कि नियमित दूध-दही लेने वाले लोगों में भी ये समस्याएं देखी जा रही हैं, जिससे साफ होता है कि सिर्फ कैल्शियम ही जिम्मेदार नहीं है।

कैल्शियम अकेले क्यों नहीं है काफी

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी है, लेकिन उसका सही अवशोषण तभी होता है जब शरीर में पर्याप्त विटामिन डी मौजूद हो। रीढ़ की हड्डी में मौजूद कशेरुकाएं साइनोवियल द्रव से जुड़ी होती हैं, जिन्हें मजबूत बनाए रखने में कैल्शियम और फास्फोरस की गहरी भूमिका होती है।

विटामिन डी कैसे बढ़ाता है ताकत

विटामिन डी सूरज की रोशनी से बनने वाला विटामिन है, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। इसकी कमी होने पर अच्छा खान-पान और दवाएं भी सही से काम नहीं कर पातीं, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।

जोड़ों और मांसपेशियों पर असर

विटामिन डी मांसपेशियों की अकड़न को कम करता है और गर्दन व कंधे के दर्द से राहत दिलाता है। इसकी कमी से हड्डियां मुलायम हो जाती हैं और साइनोवियल द्रव कम होने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द बढ़ता है और गंभीर मामलों में घुटनों के ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है।

प्राकृतिक स्रोत हैं सबसे बेहतर

कैल्शियम और विटामिन डी को सप्लीमेंट की बजाय प्राकृतिक स्रोतों से लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। दूध, दही, पनीर, अंडा, बादाम, हरी सब्जियां और रागी कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं, जबकि विटामिन डी के लिए रोज सुबह कुछ समय धूप में बैठना बेहद जरूरी है।

Inputs: IANS

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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