आयुर्वेद में चमत्कारी माने जाने वाले औषधीय गोंद, जानें किन बीमारियों में कौन सा सबसे ज्यादा असरदार
- Edited by: Vineet
- Updated Jan 21, 2026, 12:53 PM IST
Ayurvedic gond ke fayde in hindi: आयुर्वेद में कई औषधीय गोंद हैं, जिनका इस्तेमाल कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। ये गोंद आयुर्वेद की पुरानी और असरदार औषधियां हैं, जो पाचन, हड्डियों, जोड़ों, त्वचा, इम्यूनिटी और कमजोरी में बहुत फायदा देती हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कौन सी बीमारी में कौन सा गोंद फायदेमंद है। चलिए जानते हैं...
आयुर्वेद के औषधिय गोंद और उनके गजब फायदे
Ayurvedic gond ke fayde in hindi: आयुर्वेद में औषधीय गोंदों का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। पेड़-पौधों से मिलने वाले ये प्राकृतिक रेजिन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। कमजोरी, पाचन, हड्डियों, त्वचा से लेकर इम्यूनिटी तक हर समस्या के लिए अलग-अलग गोंद बताए गए हैं। सही गोंद का सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह दवा की तरह काम करता है। आज के लिए में जानिए कौन सी स्वास्थ्य समस्या में कौन सा गोंद का इस्तेमाल करें।
शरीर को ठंडक और पाचन सुधारने वाले गोंद
कतीरा गोंद शरीर की गर्मी को शांत करता है। यह गर्मी से होने वाली कमजोरी, पेशाब की जलन और कब्ज में फायदेमंद माना जाता है। गोंदनी यानी करया गोंद पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है। इमली और बेल का गोंद भी पेट की गर्मी, दस्त और आंतों की कमजोरी में सहायक होता है।
हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने वाले गोंद
बबूल गोंद हड्डियों को ताकत देता है और जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है। प्रसव के बाद महिलाओं में आई कमजोरी को दूर करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। शल्लकी और गुग्गुल गोंद गठिया, आर्थराइटिस और सूजन वाले जोड़ों के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
इम्यूनिटी और कमजोरी दूर करने वाले गोंद
धावड़ा गोंद शरीर को मजबूती और ऊर्जा देता है। सहजन यानी मोरिंगा का गोंद इम्यूनिटी बढ़ाने और थकान दूर करने में मदद करता है। आम का गोंद भी कमजोरी और पेट से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।
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त्वचा, घाव और सूजन में फायदेमंद
नीम का गोंद त्वचा रोग, फोड़े-फुंसी और खून साफ करने में मदद करता है। राल और साल गोंद घाव भरने और सूजन कम करने के लिए जाने जाते हैं। लोबान गोंद मानसिक शांति देने के साथ दर्द और सूजन में राहत देता है।
सांस, दिल और स्त्री रोग में लाभकारी
पीपल का गोंद खांसी, दमा और गले की दिक्कतों में सहायक है। अर्जुन का गोंद हृदय की मजबूती और हाई बीपी में उपयोगी माना जाता है। अशोक और बरगद का गोंद स्त्री रोग, सफेद पानी और अधिक रक्तस्राव की समस्या में लाभ देता है।
हर औषधीय गोंद का अपना अलग गुण और उपयोग है। लेकिन इनका सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही मात्रा और सही गोंद का चयन किया जा सके।
Inputs: IANS