Gen Z Posters Mumbai: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आसपास के शहरी इलाकों में रातों-रात लगे 'जेन जी' (Gen Z) के रहस्यमयी पोस्टर और बैनर राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि देश की नई पीढ़ी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर 'राष्ट्रहित' को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और विद्यार्थियों के अधिकारों के साथ-साथ सरकार के प्रति भी विश्वास रखती है।
क्या लिखा है इन पोस्टरों और बैनरों पर?
मुंबई के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए इन बैनरों में युवाओं की संतुलित सोच को दर्शाने वाले कई नारे लिखे गए हैं। पोस्टरों के मुख्य संदेश:
सकारात्मक रुख: पोस्टरों पर प्रमुखता से लिखा है- 'मैं जेन जी हूं, मैं दोनों के पक्ष में हूं...।'
शिक्षा व सरकार का सम्मान: बैनरों पर अंकित अन्य स्लोगन हैं- 'मैं विद्यार्थियों के साथ हूं, मैं भारत सरकार का सम्मान करता हूं...' तथा 'शिक्षा का सम्मान... भारत सरकार का सम्मान...।'
राष्ट्र प्रथम का नारा: सभी पोस्टरों के नीचे बड़े अक्षरों में 'राष्ट्र प्रथम' का संदेश प्रमुखता से उभारा गया है।
मोहन भागवत के संवाद कार्यक्रम से पहले राजनीतिक हलचल
ये पोस्टर ऐसे समय में सामने आए हैं जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 'जेन जी' और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) के युवाओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम करने जा रहे हैं।
हालांकि, इन पोस्टरों पर किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, संस्था या व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन्हें किसने लगवाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया छात्र आंदोलनों और पेपर लीक जैसे मुद्दों के बीच ये पोस्टर युवाओं और सरकार के बीच संवाद व सामंजस्य स्थापित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। संघ प्रमुख के कार्यक्रम से ठीक पहले लगे इन अनाम पोस्टरों को लेकर मुंबई के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
