भारत सहित दुनिया भर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। लाइफस्टाइल से जुड़ी ये बीमारी आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचाती है। डायबिटीज के कारण आपका मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है, जिससे आगे चलकर आपके अन्य अंग जैसे लिवर, किडनी, आंख और ब्रेन पर बुरा असर देखने को मिलता है। कुछ समय पहले तक डायबिटीज बुजुर्गों से जुड़ी एक समस्या मानी जाती थी। लेकिन आज यह बीमारी छोटी आयु के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस उम्र में डायबिटीज का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
किस उम्र में ज्यादा होता है डायबिटीज का खतरा?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसका खतरा किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। वहीं इस समय सामने आ रहे मामलों को देखते हुए इसके लिए किसी भी आयु वर्ग का निर्धारण कर पाना मुश्किल काम है। हालांकि टाइप-2 डायबिटीज के शिकार 45 साल के बाद लोग ज्यादातर दिखाई देते हैं।
क्या डायबिटीज से बचाव संभव है?
जी हां यदि आप डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ा एक गंभीर रोग है। जिसे आप खानपान और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके कंट्रोल कर सकते हैं। डायबिटीज कम करने के लिए सबसे जरूरी मीठे से परहेज, वजन कम करना और एक्टिव रहना है। वहीं यदि आप समय रहते डायबिटीज को कंट्रोल नहीं करते हैं तो यह आपके दिल, आंखें, किडनी और तंत्रिका तंत्र को काफी नुकसान पहुंचाता है।
डायबिटीज कंट्रोल करने के उपाय
- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए ज्यादा चीनी, मिठाई, सोडा का सेवन न करें।
- डायबिटीज कंट्रोल करने के ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट न लें।
- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए फाइबर से भरपूर चीजें खाएं।
- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए अपना तनाव कम करें।
- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए 6-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
- डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए नीम, गिलोय, करेला और आंवला का जूस पिएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
