अनुच्छेद 370 की समाप्ति
मोदी सरकार के बीते नौ सालों के सबसे बड़े फैसलों में से एक अनुच्छेद 370 की समाप्ति है। पांच अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म करते हुए। इस राज्य को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की घोषणा खी। जम्मू और कश्मीर को विधानसभा युक्त केंद्र शासित प्रदेश एवं लद्दाख को विधानसभा विहीन केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लिए बनने वाले कानूनों का लाभ यहां के लोगों को मिल नहीं पाता था, इसलिए जम्मू-कश्मीर से इस अनुच्छेद को हटाना जरूरी था। इस अनुच्छेद के चलते जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा मिला हुआ था।
राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण
अपने वादे के अनुरूप मोदी सरकार ने अयोध्या में भव्य एवं दिव्य राम मंदिर का निर्माण करा रही है। यही नहीं, भगवान शिव की नगरी वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर के पास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भी निर्माण कराया। मोदी सरकार के ये फैसले हिंदू आस्था और भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को सहेजने की दिशा में अहम साबित हुए। साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने का आदेश दिया। अगस्त 2020 में पीएम मोदी ने राम मंदिर के लिए भूमि पूजन किया। इसके बाद राम मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र का कहना है कि मंदिर दिसंबर में निर्माण का पहला चरण पूरा हो जाने के बाद राम लला के दर्शन के लिए मंदिर को खोल दिया जाएगा।
कोविड संकट के समय सरकार का बड़ा फैसला
साल 2020 में कोरोना संकट के दस्तक देने पर प्रधानमंत्री ने बड़ा फैसला लिया। देश में कोरोना की तीन लहर आई। प्रधानमंत्री ने पहली लहर से लोगों को बचाने के लिए फैसले लिए। तो दूसरी लहर में अर्थव्यवस्था को बचाया। देश में समय रहते लॉकडाउन लगाने का उनका फैसला सही साबित हुआ। पीएम की सक्रियता एवं दूरदृष्टि के चलते कोरोना के वैरिएंट्स से लड़ने के लिए देश में कई टीके तैयार हुए। इन टीकों ने लाखों-करोड़ों भारतीयों की जान बचाई। यही नहीं कोरोना के टीके सैकड़ों देशों को भेजे गए। लोगों को बचाने के लिए भारत सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया और इसे सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाया।
वित्तीय समायोजन
देश में वित्तीय समायोजन के लिए मोदी सरकार ने बीते नौ साल में कई बड़े कदम उठाए। जन धन योजना के तहत देश में करोड़ों लोगों के बैंक खाते खुले। इन खातों को उनके आधार से जोड़ा गया। इसके जरिए करोड़ों लोग औपचारिक रूप से वित्तीय व्यवस्था का अंग बने। जन धन योजना के तहत करीब 50 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए। इसके अलावा सरकार की मुद्रा लोन योजना, डाइरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम से लोग लाभान्वित हुए हैं। रूपे कार्ड योजना वीजा, मास्टरकार्ड के विकल्प के रूप में उभरी।
नोटबंदी
8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने नोटबंदी का साहसिक एवं कठिन फैसला किया। पीएम मोदी ने रात के आठ बजे घोषणा करते हुए कहा कि आज आधी रात से 500 और 1000 रुपए के नोट कानूनी मुद्रा नहीं रहेंगे। सरकार का यह फैसला कालेधन, भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद पर वार करने के लिए था। इसमें सरकार को अपेक्षित सफलता भी मिली। हालांकि, इससे आम लोगों को परेशानी भी हुई। इस निर्णय के बाद देश में डिजिटल लेन-देन ने जोर पकड़ा। आज आम आदमी डिजिटल लेन-देन से घबराता नहीं है।
सर्जिकल स्ट्राइक
18 सितंबर 2016 को उरी में आर्मी कैंप पर आतंकवादियों ने हमला किया था। इस हमले में सेना के 19 जवान शहीद हो गए। सेना के जवानों पर यह हमला उस समय हुआ जब वे सो रहे थे। इस हमले का जवाब भारत ने 10 दिनों के अंदर दे दिया। 29 सितंबर की आधी रात के समय भारतीय सेना की टीम एलओसी पार करके पीओके में गई और आतंकियों के ठिकानों पर हमला बोल दिया था। सेना की इस कार्रवाई में 35 से 70 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई से इंकार करता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों की महिलाओं को मोदी सरकार ने बड़ी सौगात दी। बीते नौ सालों में गरीब परिवारों में करीब 17 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए। एलपीजी का कनेक्शन अप्रैल 2014 में 14.52 करोड़ था जो कि मार्च 2023 में बढ़कर 31.36 करोड़ हो गया। सरकार के इस फैसले ने रसोई में लकड़ी से खाना पकाने वाली महिलाओं को धुएं से निजात दिलाई। महिलाओं को सशक्त बनाने में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना काफी अहम साबित हुई।
भारत माला परियोजना
सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने यह गहराई से महसूस किया कि देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए सड़कों का नेटवर्क बिछाना जरूरी है। सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू किया। इसका असर यह हुआ कि भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क (63.73 लाख किलोमीटर) बन गया है। देश में नए राजमार्गों एवं एक्सप्रेस-वे के निर्माण ने सड़क विकास की नई गाथा लिखी है। साल 2014 में प्रतिदिन जहां 12 किलोमीटर सड़क बनती थी वहीं 2021-22 में प्रतिदिन 29 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ।
जल जीवन मिशन
हर घर को स्वच्छ जल पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर इस योजना की शुरुआत हुई। प्रत्येक घर तक सप्लाई वाटर पहुंचाने के लिए सरकार ने कमर कसी। सरकार की यह योजना रंग लाई। बीते नौ सालों में टैप वाटर के कनेक्शन में कई गुना उछाल आया। अभी तक कुल 3.27 करोड़ ग्रामीण परिवारों को वाटर कनेक्शन प्रदान किया गया है। इस मिशन की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को हुई। इसके लिए 3.50 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा गया।
