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Delhi PG Collapse: मलबे के नीचे से छात्र ने भेजा SOS वीडियो, धुएं और खून से सने चेहरे के साथ लगाई गुहार

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 7, 2026, 11:49 AM IST

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए 11 सेकंड के एक क्लिप ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। इस वीडियो को मलबे के नीचे फंसे आदित्य कुमार नामक छात्र ने अपने दोस्त को भेजा और मदद की गुहार लगाई।

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दिल्ली सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढही, अंदर फंसे लोग

Satya Niketan PG Hostel Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्या निकेतन (Satya Niketan) इलाके में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला 'हॉस्टल डेज' (Hostel Daze) बॉयज पीजी की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। हादसे के दौरान मलबे के नीचे दबे एक छात्र का दिल दहला देने वाला 11 सेकंड का SOS वीडियो सामने आया है, जिसने इस त्रासदी के खौफनाक मंजर को उजागर किया है।

मलबे के नीचे से SOS वीडियो: 'भैया, बचा लो...'

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए 11 सेकंड के एक क्लिप ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। इस वीडियो को मलबे के नीचे फंसे आदित्य कुमार नामक छात्र ने अपने दोस्त को भेजा और मदद की गुहार लगाई। वीडियो में आदित्य का चेहरा धूल-मिट्टी और मलबे से सना हुआ नजर आ रहा है, जबकि उसके चेहरे पर चोट और खून के निशान भी साफ दिख रहे हैं।

कैमरा घुमाकर दिखाया खौफनाक दृश्य

बेहद घुटन भरे माहौल और मलबे में दबे होने के बावजूद छात्र ने सजगता दिखाते हुए अपने मोबाइल का कैमरा घुमाकर चारों ओर गिरे कंक्रीट की सिल्लियों और मलबे की स्थिति दिखाई। स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने भी पुष्टि की थी कि मलबे के अंदर फंसे कुछ छात्र लगातार बाहर अपने दोस्तों और परिजनों को फोन कॉल कर मदद मांग रहे थे।

पैनकेक कोलैप्स और रेस्क्यू में चुनौतियां

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा 'पैनकेक कोलैप्स' का मामला है। आखिर क्या होता है पैनकेक कोलैप्स? जब किसी इमारत की निचली मंजिल ढहती है, तो ऊपरी सभी मंजिलें एक-दूसरे के ऊपर परत-दर-परत सीधी गिर जाती हैं। कंक्रीट की भारी सिल्लियों के बीच फंसे जीवित लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुलडोजर जैसी भारी मशीनों का उपयोग तुरंत नहीं किया जा सका। रेस्क्यू टीमों (NDRF, DFS, दिल्ली पुलिस) को बेहद सावधानी से हाथ और हल्के कटर से मलबा हटाना पड़ा ताकि अंदर दबे लोग सुरक्षित निकल सकें।

मौत और घायलों का आंकड़ा

मलबे से निकाले गए लोगों में से 6 लोगों की जान जा चुकी है (जिनमें छात्र युवराज भी शामिल हैं)। कई छात्रों (अभिषेक, नीरज, आदित्य) और मजदूरों का एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस जांच और शुरुआती रिपोर्ट से सामने आया है कि करीब 40-50 साल पुरानी इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मरम्मत/निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके चलते इमारत की नींव कमजोर पड़ गई और पूरी बिल्डिंग ढह गई।

मकान मालिक और संचालक पर FIR

दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और पीजी संचालक आनंद बंसल के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290 (भवन निर्माण में लापरवाही) और 125 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पीएम मोदी ने जताया दुख, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों और परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल और एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि दोषी अधिकारियों व मकान मालिक पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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