Yash on Rejected North Movies: साउथ सुपरस्टार प्रभास की 'बाहुबली' के ब्लॉकबस्टर होने के बाद इसने पैन-इंडिया लेवल पर रीजनल सिनेमा के लिए दरवाजे खोले। बीते कुछ सालों में तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं की केजीएफ, कंतारा, आरआरआर और पुष्पा जैसी कई साउथ की फिल्मों ने दर्शकों के दिलों के अलग पहचान बनाई है। रिपोर्ट्स की मानें तो यश को अयान मुखर्जी की 'ब्रह्मास्त्र 2' ऑफर हुई थी लेकिन अभिनेता फिल्म करने से मना कर दिया। यश ने एक इंटरव्यू के दौरान नार्थ इंडिया की फिल्मों को रिजेक्ट करने की वजह बताई है। केजीएफ स्टार यश (Yash) ने खुलासा किया कि नार्थ इंडिया में दर्शकों ने साउथ की फिल्मों को किस तरह से देखा है।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दौरान यश ने कहा, '10 साल पहले डब फिल्में नार्थ इंडिया में बहुत लोकप्रिय हुईं। शुरुआत में इन सभी फिल्मों को देखने का लोगों का नजरिया अलग था। लोग साउथ की फिल्मों का मजाक उड़ाते थे। लोग यहा तक कहते थे कि ये क्या एक्शन है, उड़ रहा है सब। हालांकि धीरे-धीरे उन्हें समझ में आया कि ये उनकी आर्ट है। अहम मुद्दा यह भी था कि उन फिल्मों को कम से कम कीमत बेचा जाता था, लोग ख़राब क्वालिटी वाली डबिंग करते थे और इसे मजाकिया नामों के साथ गलत तरीके से पेश किया जाता था।'
ऋषभ शेट्टी की हालिया रिलीज हुई 'कंतारा' के बारे में भी यश ने बात की। उन्होंने 'कंतारा' ओ अपनी फिल्म बताया। यश ने कहा 'मैं अपनी इंडस्ट्री को अलग नजरिए से देखा हूं और इसमें बदलाव की जरुरत है। लोगों के अंदर टैलेंटेड और कॉन्फिडेंस की कमी नहीं है लेकिन हमें खुद को बाहर निकालना पड़ेगा। लोग आपके बारे में बात करेंगे और आपको जज भी करेंगे लेकिन लोगों की उस धारणा को तोड़ने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी। जब मैंने अपना करियर शुरू किया था, तब मुझे भी निगेटिव चीजों का सामना करना पड़ा था।'
अभिनेता ने आगे कहा, 'हमारी एक छोटी सी इंडस्ट्री है और सीमाएं भी हैं। हम बाकी इंडस्ट्रीज के साथ कम्पटीशन नहीं कर सकते हैं क्योंकि उनके पास पहले ही फिल्मों के लिए बड़ा बजट है और बड़ी मार्किट भी है। कई लोगों यह भी कहना होगा कि कन्नड़ इंडस्ट्री इसे नहीं बना पाएगी। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कोई इंडस्ट्री बड़ी या छोटी नहीं होती है।'
