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Daayra के रमन-अजूनी का Meghna Gulzar ने खोला राज, बोलीं- ‘दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं’

  • Authored by: अभय
  • Updated Sep 17, 2026, 12:14 PM IST

Meghna Gulzar on Daayra Story And Cast: मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) की फिल्म ‘दायरा’ (Daayra) में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी अलग अंदाज में नजर आएगी। अब निर्देशक ने दोनों किरदारों पर खुलकर बात की है।

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फिल्म दायरा को लेकर मेघना गुलजार ने कही ये बात (Image Source: Zoom)

Meghna Gulzar on Daayra Story And Cast: फिल्म डायरेक्टर मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) की फिल्म दायरा (Daayra) इन दिनों लगातार चर्चा में है। फिल्म में करीना कपूर (Kareena Kapoor) डीसीपी अजूनी कोहली और पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran) डीसीपी रमन कुमार के किरदार में दिखाई देंगे। कहानी में दोनों पुलिस अफसर एक ही मामले से जुड़े हैं, लेकिन किसी मुद्दे को देखने का उनका नजरिया बिल्कुल एक जैसा नहीं है। यही फर्क फिल्म की कहानी को दिलचस्प बनाता है। अब मेघना ने इन दोनों किरदारों के रिश्ते और उनकी आपसी केमिस्ट्री को लेकर एक खास बात बताई है। तो चलिए जानते Zoom को दिए इंटरव्यू में मेघना गुलजार ने फिल्म दायरा को लेकर क्या खुलासा किया है।

'स्टार्स को मौका देना चाहिए'

पहले एक इंटरव्यू में पृथ्वीराज सुकुमारन ने बताया था कि 'दायरा' की शूटिंग के दौरान वो अक्सर मेघना गुलजार से सवाल किया करते थे और मेघना उनके हर सवाल का जवाब देती थीं। जब मेघना से पृथ्वीराज की इस बात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'जब आप किसी एक्टर को कोई किरदार देते हैं, तो उसके साथ आप उसे उस किरदार को अपने तरीके से समझने और निभाने का मौका भी दे रहे होते हैं। वरना आप खुद जाकर वह किरदार निभा लीजिए। हां, एक डायरेक्टर के तौर पर आपको दिशा जरूर देनी होती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप एक्टर को एक तय दायरे में बांध दें। आप उसे उस किरदार को जीने और उसमें अपनी जान डालने का मौका देते हैं। ऐसा तभी हो सकता है जब एक्टर उस किरदार को अपने तरीके से समझे और उसे अपना बनाए। कई बार ऐसा भी होता है कि एक्टर किसी किरदार को जिस तरह से देखता है, उसके बारे में आपने खुद सोचा भी नहीं होता। क्योंकि कई बार किसी कहानी और उसके विषय के बहुत करीब होने की वजह से आपका दिमाग वहां तक नहीं पहुंच पाता, या आपकी सोच वहां तक नहीं जाती।'

एक्टर की सलाह से मेघना को नहीं है दिक्कत

मेघना गुलजार को इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि एक्टर फिल्म को लेकर डायरेक्टर को अपनी सलाह दें। उन्होंने बताया, 'जो एक्टर सिर्फ अपने किरदार और अपनी एक्टिंग को देख रहा है, वो कई बार वहां तक सोच चुका होता है। मुझे लगता है कि उस सोच को सामने आने देना और यह पता लगाना कि उसकी जड़ कहां है, इसमें बिल्कुल कुछ गलत नहीं है। मेरा मानना है कि सबसे पहले फिल्म आती है, उसके अलावा कुछ नहीं। इसलिए अगर मेरे पास समय है, तो मैं एक्टर को चार अलग-अलग तरीके से उस सीन या किरदार को करने दूंगी, अगर वह ऐसा करना चाहता है। क्योंकि जब आप बाद में फिल्म को एडिट टेबल पर जोड़ रहे होते हैं, तब आपको नहीं पता होता कि जो तरीका आपको सबसे कम पसंद आया था, हो सकता है वही सबसे ज्यादा अच्छा काम कर जाए।'

दायरा में कई घटनाओं को जोड़ने की वजह

मेघना गुलजार की दायरा किसी एक घटना पर आधारित नहीं है। डायरेक्टर ने सिर्फ एक घटना पर ध्यान देने के बजाय कई घटनाओं को जोड़कर फिल्म की कहानी तैयार की है। इस बारे में उन्होंने कहा, 'कुछ बातें एक जैसी हैं, क्योंकि आप संस्थाओं, उनके ठीक से काम न करने और उनसे लोगों की उम्मीदों को देख रहे हैं। तलवार, छपाक, राजी, सैम बहादुर और दायरा, ये सभी किसी न किसी तरह इन बातों को छूती हैं। दायरा में एक महिला के साथ अपराध होता है और एक मुठभेड़ भी होती है, जिसे कुछ लोग अपराध मानते हैं। लेकिन इसे तुरंत मिलने वाला इंसाफ भी कहा जा सकता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप उस लकीर के किस तरफ खड़े हैं। क्या हमारी दुनिया और जिस समाज में हम रहते हैं, उसमें कोई ऐसी चीज है जो पूरी तरह अलग हो? नहीं। इसलिए जो हमारे सामने है, वो बहुत बड़े स्तर पर मौजूद है।'

एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं रमन-अजूनी

मेघना का मानना है कि इस दुनिया में कुछ भी पूरी तरह ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। डायरेक्टर ने कहा, 'क्योंकि ये दोनों मुद्दे बहुत बड़े हैं, इसलिए हम खुद को सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं कर सकते थे। हमें इसे थोड़ा बड़े स्तर पर देखने की जरूरत थी, ताकि यह समझ सकें कि इसके पीछे की बुराई क्या है और आखिर ऐसा होने की वजह क्या है। मैं जानती हूं कि एक दूसरे के बिना मौजूद नहीं हो सकता। हमें ये बात भी याद रखनी चाहिए। दायरा में रमन और अजूनी एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। यही उस दुनिया की सच्चाई है जिसमें हम रहते हैं। यहां सब कुछ ग्रे है। सब कुछ सिर्फ दो हिस्सों में बंटा हुआ नहीं है। ये ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। हम अक्सर खुद को यह समझा लेते हैं कि चीजें ऐसी ही हैं, लेकिन जब वही बात हमारे बहुत करीब होती है, तब सब कुछ ग्रे नजर आने लगता है।'

मेघना गुलजार की तीसरी फिल्म

ये क्राइम थ्रिलर फिल्म दायरा डयरेक्टर मेघना गुलजार ने बनाई है। राजी, तलवार और सैम बहादुर जैसी चर्चित फिल्मों के बाद दायरा, जंगली पिक्चर्स के साथ मेघना गुलजार की तीसरी फिल्म है। इस फिल्म को जंगली पिक्चर्स और डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियोज) ने प्रोड्यूस किया है, जबकि पेन मरुधर ने इसे डिस्ट्रीब्यूट किया है। 'दायरा' 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Abhay
अभयauthor

अभय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट डेस्क पर चीफ कॉपी एडिटर हैं। टीवी पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने वाले अभय मनोरंजन जगत की खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। वे फिल्म, टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी अपडेट्स को सरल भाषा में और सटीक जानकारी के साथ पेश करने के लिए जाने जाते हैं। अभय अबतक 9,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं। तेजी से बदलती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खबरों को पकड़ने, रिसर्च करने और समय पर प्रकाशित करने में उनकी खास दक्षता है।

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