Lata Mangeshkar First song and Bollywood break: स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र मे हुई। वह बचपन से ही गायक बनना चाहती थीं। बचपन में कुन्दन लाल सहगल की एक फिल्म चंडीदास देखकर उन्होंने कहा था कि वो बड़ी होकर सहगल से शादी करेगी। पहली बार लता ने वसंग जोगलेकर द्वारा निर्देशित एक फिल्म कीर्ती हसाल के लिये गाया। उनके पिता नहीं चाहते थे कि लता फिल्मों के लिये गाये इसलिये इस गाने को फिल्म से निकाल दिया गया।
पिता की मृत्यु के बाद (जब लता सिर्फ़ तेरह साल की थीं) लता मंगेशकर के परिवार को पैसों की बहुत किल्लत झेलनी पड़ी और काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्हें अभिनय बहुत पसंद नहीं था लेकिन पिता की असामयिक मृत्यु की वजह से पैसों के लिये उन्हें कुछ हिन्दी और मराठी फिल्मों में काम करना पड़ा। अभिनेत्री के रूप में उनकी पहली फिल्म पाहिली मंगलागौर (1942) रही, जिसमें उन्होंने स्नेहप्रभा प्रधान की छोटी बहन की भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने माझे बाल, चिमुकला संसार (1943), गजभाऊ (1944), बड़ी मां (1945), जीवन यात्रा (1946), मांद (1948), छत्रपति शिवाजी (1952) में काम किया।
1942 में जब लताजी के पिता का देहांत हुआ तो उनकी आयु मात्र तेरह वर्ष थी। भाई बहनों में बड़ी होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। जिस समय लताजी ने (1948) में पार्श्वगायिकी में कदम रखा तब इस क्षेत्र में नूरजहां, अमीरबाई कर्नाटकी, शमशाद बेगम और राजकुमारी की तूती बोलती थी। ऐसे में उनके लिए अपनी पहचान बनाना इतना आसान नही था।

‘पहिली मंगलागौर’ (1942) से ही फिल्मों में उनका गायकी का सफर सही मायने में शुरू हुआ। इस फिल्म में लता जी ने ‘नटकी चैगाची नवलाई’ गीत गाया। 1947 में वसंत जोगलेकर ने अपनी फिल्म आपकी सेवा में लता को गाने का मौका दिया। इस फिल्म के गानों से लता की खूब चर्चा हुई। इसके बाद लता ने मजबूर फिल्म के गानों 'अंग्रेजी छोरा चला गया' और 'दिल मेरा तोड़ा हाय मुझे कहीं का न छोड़ा तेरे प्यार ने' जैसे गानों से नाम कमाया।
1949 में लता को फिल्म महल के गाने 'आयेगा आनेवाला' को गाने का मौका मिला। इस गीत को उस समय की सबसे खूबसूरत और चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर फिल्माया गया था। यह फिल्म सफल रही और इसके बाद लता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज़ बुक रिकॉर्ड भी लता मंगेशकर के नाम है।

