इलेक्शन

Bengal Election: 'EVM से छेड़छाड़ सही साबित हुए तो दोबारा कराएंगे मतदान, चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान'

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम में टेप या स्याही से छेड़छाड़ के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद ही पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा।

Image

प्रतीकात्मक फोटो

Photo : iStock

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि निर्वाचन आयोग उन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश देगा जहां टेप या स्याही का उपयोग करके ईवीएम से छेड़छाड़ करने के आरोप सही पाए जायेंगे क्योंकि आयोग की ऐसे अपराधों को ’बिल्कुल बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम में टेप या स्याही से छेड़छाड़ के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद ही पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा।

अग्रवाल का बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने आरोप लगाया है कि आज दूसरे एवं आखिरी चरण के मतदान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों में उसके चुनाव चिह्न को टेप से ढ़क दिया गया या उस पर स्याही डाल दी गयी।भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ’एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 144 और 189 पर पार्टी के चिह्न पर सफेद टेप लगा दिया गया है। मालवीय ने इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की।

'हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करेंगे'

अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, 'जहां कहीं भी हमें (ईवीएम पर) टेप लगा मिला या ईवीएम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पाई गई, वहां हम दोबारा मतदान कराएंगे। हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करेंगे।'उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मतदान अधिकारियों द्वारा मशीनों के संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का कोई संकेत नहीं मिला है, जिसमें ’मॉक पोल’ भी शामिल हैं।

'...तो हम पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराएंगे'

उन्होंने कहा, 'यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों से ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो हम पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराएंगे। मेरे पास उन मतदान केंद्रों की सटीक संख्या नहीं है (जहां आरोप लगाए गए हैं)।'मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार, ईवीएम को संभालने की जिम्मेदारी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की होती है। उन्होंने कहा कि कथित घटनाएं मतदान के दौरान हुई होंगी।

उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि लोगों ने वोट डालने जाते समय मशीनों पर ये टेप चिपका दिये होंगे। ऐसा नहीं है कि हम इसका पता नहीं लगा पाएंगे। हम जांच करेंगे कि लोगों ने वोट डालने में कितना समय लगाया।' अग्रवाल ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पुलिस और केंद्रीय बलों की ’अत्यधिक सक्रियता’ के आरोप पर अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने अपने आकलन के अनुसार कार्रवाई की।

'निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है'

उन्होंने कहा, 'हम यह नहीं कह सकते कि पुलिस क्या कर रही है। स्थिति का आकलन करना और अशांति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना पुलिस का काम है। उन्हें कुछ जानकारी मिली होगी, इसीलिए उन्होंने कार्रवाई की। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है।' निर्वाचन आयोग ने बताया कि बुधवार को जिन 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, वहां से अब तक विभिन्न प्रकार की 2,196 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article