West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भाजपा एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगा रही है। टीएमसी जहां एआईआर का मुद्दा भुनाने में जुटी हुई है। वहीं, भाजपा घुसपैठियों के मुद्दे पर अपनी नइयां पार लगाना चाह रही है। इस बीच, टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को साफ किया कि अगर सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होने के बाद किसी मतदाता का नाम हटाया जाता है तो उनकी पार्टी ऐसे लोगों के साथ खड़ी रहेगी।
भाजपा पर बरसे अभिषेक
उन्होंने आरोप लगाया कि असली वोटरों को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिशें की जा रही हैं। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर असली वोटरों के नाम हटवाने और दूसरे राज्यों के लोगों के नाम जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें 24 घंटे सतर्क रहना होगा ताकि बंगाल के लोगों का वोटिंग अधिकार छीना न जा सके।
हुगली जिले के खानाकुल में एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि हम एक भी वैध वोटर का नाम हटाने से रोकने के लिए पूरी तरह चौकस रहेंगे। हम उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को है। हम इंतजार करेंगे, लेकिन मैं यह साफ़ कर देना चाहता हूं कि अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, तो पार्टी इस मामले को CEO के दफ़्तर में उठाएगी। साथ ही, अगर आपका नाम गायब है, तो हमारे विभाग के जरिए ऑनलाइन अपील करें।"
'बंगाल में BJP की साजिश को नहीं होने देंगे कामयाब'
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि कुछ दिन पहले टीएमसी ने कोलकाता में CEO के दफ्तर में फॉर्म-6 की फाइलों को जमा कराने की कोशिश का पता लगाया था। उन्होंने कहा, "भाजपा चुनाव आयोग को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है ताकि बंगाल के बाहर रहने वाले वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जा सकें। वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों वाली अपनी रणनीति दोहरा रहे हैं, जहां उन्होंने इसी तरह लाखों असली वोटरों के नाम हटा दिए थे और फिर दूसरे राज्यों के वोटरों के नाम शामिल कर लिए थे। बंगाल दूसरे राज्यों जैसा नहीं है। बंगाल भाजपा की इस साज़िश को कामयाब नहीं होने देगा।"
