West Bengal News: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान पूरे राज्य में दूसरे फेज की वोटिंग की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल में पिछले महीने हुए बम धमाके के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान दक्षिण 24 परगना जिले के बिजॉयगंज बाजार निवासी अहिदुल इस्लाम मोल्ला के रूप में हुई है।
गहन जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
एनआईए ने जानकारी दी है कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बिजोयगंज बाजार क्षेत्र निवासी अहीदुल इस्लाम मोल्ला को मार्च में दक्षिण बामुनिया गांव में हुए विस्फोट में उसकी भूमिका की गहन जांच के बाद गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में राज्य पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी।
जांच में क्या आया सामने?
जांच में यह भी सामने आया कि अहीदुल इस अपराध में सह-साजिशकर्ता था और उस पर बम बनाने तथा सबूतों को नष्ट करने में शामिल होने का आरोप है। एनआईए ने बताया है कि साजिश के दौरान बम बनाते समय विस्फोट हो गया था, जिसके चलते इस घटना में शामिल एक आरोपी की मौके पर ही मौत हो गई। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में अन्य सह-आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर जांच अभी भी जारी है।
मतदाताओं को डराने-धमकाने का वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश
वहीं, दूसरे चरण के चुनाव से पहले डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में बाइक पर सवार कुछ लोगों द्वारा स्थानीय लोगों को धमकाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने रविवार को जांच के आदेश दिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। मामला सामने आते ही निर्वाचन आयोग ने डायमंड हार्बर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने बताया, "निर्वाचन आयोग इन मामलों को रोकने के लिए कदम उठा रहा है।" राज्य में 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार सोमवार शाम को समाप्त हो जाएगा। पुलिस ने बताया कि आपराधिक धमकी और गैरकानूनी कृत्यों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत रविवार को डायमंड हार्बर थाने में मामला दर्ज किया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग के निर्देश पर डायमंड हार्बर पुलिस जिला में तैनात पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और उन पर कथित ’गंभीर कदाचार’ तथा निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी।
