इलेक्शन

SMS कर्नाटक के लिए खतरनाक, इनसे बचना होगा; कांग्रेस पर शिवराज ने बोला हमला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 29, 2023, 12:33 PM IST

Karnataka Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को कहा, SMS (सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे और डी.शिवकुमार ) कर्नाटक के भविष्य और विकास के लिए खतरनाक हैं।

Image

शिवराज सिंह चौहान

Photo : ANI

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य में सियासत भी वैसे-वैसे चरम पर है। कांग्रेस सत्ता पाने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रही है, तो भाजपा नेता भी कांग्रसे पर जोरदार हमला बोल रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया और डी.शिवकुमार को आड़े हाथों लिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, SMS से बचना होगा। ये SMS (सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे और डी.शिवकुमार ) कर्नाटक के विकास के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने आगे कहा, जैसे एक करप्ट मैसेज मोबाइल को खराब कर देता है, वैसे ये मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया और डी.शिवकुमार कर्नाटक के भविष्य को तबाह और बर्बाद कर देंगे। उन्होंने कहा, केवल डबल इंजन की सरकार कर्नाटक के विकास और उसके भविष्य को बचा सकती है।

https://twitter.com/ANI/status/1652196187112611841

कर्नाटक में तेज हुई सियासी जंग

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान सियासी जंग तेज होती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक दूसरे पर हमलवार हैं और सत्ता पाने के लिए हर जुगत लगा रही हैं। इस बीच कर्नाटक में गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कांग्रेस ने चुनाव आयोग का रुख किया है। पार्टी ने दोनों के सांप्रदायिक बयानों का हवाला देने हुए चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध की मांग की है। वहीं भाजपा भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ मुखर है। पार्टी ने उनके नरेंद्र मोदी के खिलापु 'जहरीला सांप' वाले बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और उन पर कार्रवाई की मांग की है।

पीएम मोदी आज बीदर में

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बीदर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने एक बार फिर मुझे गाली देने का काम शुरू किया है। उन्होंने कहा, मुझे अब तक 91 बार गाली दी गई है, लेकिन कर्नाटक की जनता इस गाली का जवाब वोट से देगी। उन्होंने कहा, यह चुनाव सिर्फ कर्नाटक की सियासत के लिए नहीं है, बल्कि कर्नाटक को देश का नंबर 1 राज्य बनाने के लिए है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article