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नवीन पटनायक की BJD ने दिए BJP के साथ गठबंधन के संकेत, 15 साल बाद जुड़ सकते हैं NDA के साथ

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 7, 2024, 11:02 AM IST

गठबंधन को लेकर बीजेडी नेताओं ने बुधवार को भुवनेश्वर में सीएम पटनायक के आवास नवीन निवास पर तीन घंटे तक बैठक की। उधर, बीजेपी हाईकमान ने भी दिल्ली में चर्चा की है।

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BJP-BJD में बनेगी बात!

Photo : PTI

BJP-BJD Alliance: लोकसभा चुनाव 2024 की आहट के साथ ही ओडिशा में नई सियासी बिसात बिछती दिख रही है। राज्य में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव भी होने जा रहे हैं। इससे पहले ही ऐसी चर्चाएं हैं कि ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) बीजेपी के साथ फिर से गठबंधन कायम कर सकती है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों दलों के नेताओं ने फिर से गठबंधन का संकेत दिया है। बीजेडी ने 11 साल की राजनीतिक साझेदारी के बाद 2009 में सीट-बंटवारे की वार्ता नाकाम होने पर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को छोड़ दिया था।

तीन घंटे चली बैठक

बीजेडी नेताओं ने बुधवार को भुवनेश्वर में सीएम पटनायक के आवास नवीन निवास पर तीन घंटे तक बैठक की। इस बीच, ओडिशा भाजपा नेताओं ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा के साथ भी बैठक की, जिसमें उन्होंने नवीन पटनायक के साथ संभावित गठबंधन सहित चुनावी मामलों पर चर्चा की। बीजेडी की बैठक के बाद पार्टी के उपाध्यक्ष और विधायक देबी प्रसाद मिश्रा ने माना कि बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन के बारे में चर्चा हुई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बीजेडी ओडिशा के लोगों के व्यापक हितों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने नवीन पटनायक के नेतृत्व में अहम प्रगति की है। देबी मिश्रा और बीजेडी के वरिष्ठ महासचिव अरुण कुमार साहू द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रणनीति के संबंध में व्यापक चर्चा हुई।

बीजेपी सांसद ने भी लगाई मुहर

गठबंधन की बातचीत की खबर पर वरिष्ठ बीजेपी नेता और सांसद जुएल ओराम ने भी मुहर लगाई। उन्होंने हालांकि कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ओरम ने कहा, हां, गठबंधन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अंतिम फैसला करेगा। लोकसभा चुनाव और ओडिशा में एक साथ होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और बीजेडी के दोबारा हाथ मिलाने की चर्चा हाल ही में तेज हुई है। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस संबंध में 29 फरवरी की मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया था।

ओडिशा में कितनी सीटें

ओडिशा में 21 लोकसभा सीटें और 147 विधानसभा सीटें हैं। 2019 में बीजेपी ने आठ लोकसभा सीटें और 23 विधानसभा सीटें जीती थीं, जबकि बीजेडी ने 12 लोकसभा सीटें और 112 विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। सूत्रों का हवाला देते हुए समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि बीजेपी और बीजेडी के बीच गठबंधन की प्रबल संभावना है। लेकिन आखिरी फैसला बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। सूत्रों ने कहा कि गठबंधन की स्थिति में बीजेपी ओडिशा में ज्यादा लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि नवीन पटनायक की पार्टी ज्यादा विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

मोदी-पटनायक दिखे एक साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नवीन पटनायक ने हाल ही में 5 मार्च को ओडिशा की अपनी यात्रा के दौरान सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की प्रशंसा की थी। इस दौरान जयपुर जिले में 19,600 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। पीएम मोदी ने नवीन पटनायक के पिता और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा के विकास और राष्ट्र के लिए बीजू बाबा का अमूल्य योगदान बेजोड़ है। उन्होंने कहा कि देश की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देना उनके लिए सम्मान की बात है।

11 साल रहे साथ

बीजेडी ने 1998 में बीजेपी के साथ गठबंधन किया था, जिसमें बीजेपी को ओडिशा में तीन लोकसभा चुनावों और दो विधानसभा चुनावों में सफलता मिली थी। 2009 में सीट-शेयरिंग पर बात नाकाम होने के बाद उनकी ये साझेदारी टूट गई। 11 साल बाद दोनों की राहें अलग हो गई थी। अब 15 साल बाद 2024 चुनाव में दोनों फिर एक साथ आ सकते हैं। दोनों के बीच समझौता होने की स्थिति में कांग्रेस की दिक्कतें और बढ़ जाएंगी।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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