Bihar Assembly Elections 2025: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने शनिवार को बड़े संगठनात्मक फेरबदल का ऐलान करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता अधीर रंजन चौधरी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी।
41 नेताओं को जिला पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी
वरिष्ठ पर्यवेक्षकों के अलावा कांग्रेस ने 41 नेताओं को जिला चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है। इनमें अविनाश पांडे, हरीश चौधरी, अजय राय, सतेज बंटी पाटील और भक्त चरण दास जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। पार्टी ने संगठन में संतुलन बनाने के लिए युवाओं को भी बड़ी भूमिका दी है।
युवा नेताओं पर भी भरोसा
कांग्रेस ने श्रीनिवास बी.वी., तनुज पुनिया, विक्रांत भूरिया और अभिषेक दत्त जैसे कई युवा नेताओं को जिला चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपकर आने वाले चुनाव में युवाओं को जोड़ने का संदेश दिया है।
कांग्रेस का आरोप
इससे पहले कांग्रेस ने शनिवार को बिहार की अंतिम मतदाता सूची में कई गड़बड़ियां होने का दावा किया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘बी टीम’’ के रूप में काम करते हुए पूरी तरह से ‘‘निर्लज्जता’’ पर उतारू है तथा एसआईआर की प्रक्रिया का मक़सद भाजपा व उसके मित्र दलों को राजनीतिक लाभ पहुंचाना है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि आयोग को भाजपा की कठपुतली की तरह नहीं दिखना चाहिए।
अगले महीने संभावित चुनाव
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा अगले महीने हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस ने बड़े नेताओं को मैदान में उतारकर चुनावी रणनीति मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। पार्टी को उम्मीद है कि अनुभवी नेताओं और युवाओं का यह संयोजन बिहार की सियासत में संगठन को नई ऊर्जा देगा।
