Yogi Adityanath Win: गोरखपुर शहर सीट से सीएम योगी आदित्यनाथ की शानदार जीत, 1 लाख वोटों से दी मात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 10, 2022, 05:17 PM IST

Yogi Adityanath victory:गोरखपुर विधानसभा सीट से योगी आदित्यनाथ एक लाख मतों से विजयी हुए हैं, इसे लेकर शहर के साथ ही प्रदेश में जश्न का माहौल है।

Yogi Adityanath Win: गोरखपुर शहर सीट से सीएम योगी आदित्यनाथ की शानदार जीत, 1 लाख वोटों से दी मात

Yogi Adityanath victory From Gorakhpur Seat: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट गोरखपुर विधानसभा सीट का नतीजा सामने आ गया है और योगी भारी वोटों से विजयी घोषित हो गए हैं, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत गए हैं।

मीडिया रिपोर्टो के मुताबिक बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ अपने प्रतिद्वंदी से 1 लाख मतों से ज्यादा के अंतर से विजयी हुए हैं। गोरखपुर शहर विधानसभा सीट पर बसपा ने ख़्वाजा शमसुद्दीन को टिकट दिया था वहीं योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद भी चुनावी मैदान में थे।

सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े थे, गौर हो कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सदर सीट से ही 1998 से 2017 तक सांसद रहे हैं मुख्यमंत्री सबसे पहले 1998 में यहां से बीजेपी कैंडिडेट के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़े थे। 

गोरखपुर से मुख्यमंत्री के खिलाफ भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद,  समाजवादी पार्टी की शुभावती शुक्ला और बसपा के शम्सुद्दीन ख्वाजा मैदान में थे। यह योगी आदित्यनाथ की अपने गृह क्षेत्र से विधानसभा सीट के लिए पहली लड़ाई थी, जहां से उन्होंने कई बार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीता है।

दिलचस्प रही गोरखपुर की चुनावी लड़ाई, 'महाराज' के सिवा कोई नहीं 

छठे चरण में गोरखपुर में चुनाव हुआ था और इस सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे योगी और दूसरे उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, योगी आदित्यनाथ 10 वीं शताब्दी में मत्स्येंद्रनाथ द्वारा स्थापित नाथ मठवासी संप्रदाय की उच्च सीट गोरखनाथ मंदिर के प्रमुख हैं।

योगी को स्थानीय बोलचाल में 'महाराज' के रूप में जाना जाता है

चुनाव से पूर्व मंदिर की प्रबंधक द्वारिका तिवारी का कहना था कि कि चुनाव का समय होने के कारण मुझे अभी कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है। मतदान समाप्त होने तक प्रतीक्षा करें। यहां महाराज के सिवा कोई नहीं है। गोरखपुर के अधिकांश मतदाता चुनाव में विकल्प या पसंद के बारे में सोचने को भी तैयार नहीं हैं। स्थानीय व्यापारी रवींद्र ठाकुर ने कहा कि जब महाराज हैं, तो और कोई नहीं।

1998 से लोकसभा में पांच बार गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले योगी आदित्यनाथ ने यह सुनिश्चित किया है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके निर्वाचन क्षेत्र पर सभी का ध्यान जाए

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