West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच अहम मुकाबला देखा जा सकता है इस बीच, 'टाइम्स नाउ नवभारत' की 'पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव' को लेकर 'बंगाल यात्रा' जारी है। ऐसे में कार्यक्रम के मद्देनजर 'एंकर श्वेता भट्टाचार्य' राजनीतिक दलों की नस टटोलने के लिए 'दुर्गापुर' पहुंची हैं ग्राउंड रिपोर्ट में देखते हैं कि यहां के अहम मुद्दे क्या हैं।
दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में दामोदर नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख औद्योगिक और नियोजित शहर है, जिसे 'रूहर ऑफ बंगाल' (भारत का इस्पात शहर) के रूप में जाना जाता है। कोलकाता से लगभग 170 किमी दूर स्थित यह शहर, सेल (SAIL) के इस्पात संयंत्र, डीपीएल (DPL) ताप विद्युत संयंत्र और वेबेल (Webel) आईटी पार्क के लिए प्रसिद्ध है, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ एक विकसित औद्योगिक केंद्र है।
'दुर्गापुर' के अहम मुद्दे क्या हैं और लोग इस चुनाव को किस तरीके से ले रहे हैं, यह सब जानने की कोशिश की, यहां देखें पूरी रिपोर्ट-
2026 के चुनाव में एक बार फिर मुकाबला दिलचस्प
अब 2026 के चुनाव में एक बार फिर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस से प्रदीप मजूमदार, भाजपा से चंद्रशेखर बनर्जी, माकपा से सीमांत चटर्जी और कांग्रेस से देवेश चक्रवर्ती मैदान में हैं। वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में दुर्गापुर पश्चिम सीट पर भाजपा के कैंडिडेट लक्ष्मण चंद्र घोरुई ने जीत हासिल की थी। उन्होंने AITC प्रत्याशी बिश्वनाथ पारियाल को हराया था।
दुर्गापुर भारत के चुनिंदा नियोजित शहरों में से एक
दुर्गापुर भारत के चुनिंदा नियोजित शहरों में से एक है, जिसे अमेरिका के वास्तुकार बेंजामिन पोल्क और एलन स्टीन ने डिजाइन किया था। 1950-60 के दशक में स्थापित, यह शहर दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP), अलॉय स्टील प्लांट, और भारी इंजीनियरिंग इकाइयों का केंद्र है।
पश्चिम बंगाल में वोटिंग कब होगी?
बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण की 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को, जबकि 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
