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क्यों 5 दिन तक चलता है SSB इंटरव्यू, क्या होता है हर दिन, देखें डे वाइज शेड्यूल

SSB ऐसी चयन प्रक्रिया है, जिसमें उम्मीदवार की सिर्फ पढ़ाई या किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि उसकी सोच, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का तरीका, टीम के साथ काम करने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को भी परखा जाता है। यह पांच दिन तक चलने वाला एक इंटरव्यू है।

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क्यों 5 दिन तक चलता है SSB इंटरव्यू (Image - chatGPt)

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनना लाखों युवाओं का सपना होता है। इसके लिए लिखित परीक्षा पास करना पहला बड़ा कदम है, लेकिन उसके बाद आने वाली SSB प्रक्रिया असली चुनौती होती है। SSB का पूरा नाम Services Selection Board है। यह पांच दिनों तक चलने वाला एक इंटरव्यू है, जिसमें उम्मीदवार की सिर्फ पढ़ाई या किताबी ज्ञान नहीं देखा जाता, बल्कि उसकी सोच, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का तरीका, टीम के साथ काम करने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को भी परखा जाता है।

UPSC की NDA और CDS परीक्षाओं के लिए SSB प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहले चरण में OIR और PP&DT के जरिए स्क्रीनिंग होती है। इसे पास करने वाले उम्मीदवार ही दूसरे चरण में पहुंचते हैं, जिसमें इंटरव्यू, ग्रुप टेस्ट, मनोवैज्ञानिक परीक्षण और कॉन्फ्रेंस शामिल होते हैं। चलिए जानते हैं पांचों दिनों का शेड्यूल क्या होता है?

SSB इंटरव्यू में क्या होता है?

SSB एक आम नौकरी का इंटरव्यू नहीं है। यह कई दिनों तक चलने वाली चयन प्रक्रिया है, जिसमें उम्मीदवार की Officer Like Qualities यानी अधिकारी के रूप में जरूरी गुणों को परखने की कोशिश की जाती है। इस प्रक्रिया में अलग-अलग विशेषज्ञ उम्मीदवार का मूल्यांकन करते हैं। इसमें Interviewing Officer यानी IO, Group Testing Officer यानी GTO और Psychologist की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। तीनों अलग-अलग गतिविधियों के जरिए उम्मीदवार की क्षमता को समझते हैं और अंत में उसकी पूरी परफॉर्मेंस को एक साथ देखा जाता है।

यही कारण है कि SSB में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होता कि उम्मीदवार कितने सवालों के सही जवाब दे सकता है। यह भी देखा जाता है कि वह दबाव की स्थिति में कैसे सोचता है, दूसरों के साथ कैसे व्यवहार करता है और किसी समस्या का समाधान किस तरीके से करता है।

SSB इंटरव्यू 5 दिन क्यों चलता है?

SSB की मुख्य चयन प्रक्रिया आम तौर पर पांच दिनों के आसपास होती है। इसमें पहले दिन स्क्रीनिंग होती है और उसके बाद सफल उम्मीदवारों के लिए लगभग चार दिन की डिटेल Stage-II प्रक्रिया चलती है।

पहला दिन: Screening और सबसे बड़ी छंटनी

SSB का पहला दिन काफी महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर इसी दिन OIR और PP&DT के जरिए उम्मीदवारों की शुरुआती स्क्रीनिंग की जाती है।

OIR में उम्मीदवार की reasoning और intelligence से जुड़ी क्षमता देखी जाती है। इसके बाद PP&DT में तस्वीर दिखाकर उस पर कहानी लिखने और फिर समूह में चर्चा करने को कहा जाता है। यहां केवल अच्छी कहानी लिखना ही पर्याप्त नहीं है। चर्चा के दौरान उम्मीदवार किस तरह अपनी बात रखता है और दूसरों की बात सुनता है, यह भी देखा जाता है।

दूसरा दिन: Psychological Tests

स्क्रीनिंग पास करने के बाद उम्मीदवार मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की ओर बढ़ते हैं। इन टेस्ट का उद्देश्य यह समझना होता है कि उम्मीदवार अलग-अलग परिस्थितियों में किस तरह सोचता और प्रतिक्रिया देता है।

इन परीक्षणों में उम्मीदवार की वास्तविक सोच, समस्या को देखने का नजरिया और निर्णय लेने की शैली को समझने की कोशिश की जाती है। इसलिए केवल किसी दूसरे व्यक्ति के तैयार किए हुए जवाब याद करके जाना बहुत उपयोगी नहीं होता।

तीसरा दिन: Group Testing और Teamwork

तीसरे दिन से ग्रुप टेस्टिंग होती है। इनमें उम्मीदवारों को समूह के साथ मिलकर अलग-अलग समस्याओं को हल करने और कार्य पूरा करने के मौके दिए जाते हैं। यहां देखा जाता है कि उम्मीदवार टीम में रहते हुए अपनी भूमिका कैसे निभाता है। क्या वह जरूरत पड़ने पर नेतृत्व कर सकता है? क्या वह दूसरों की बात सुनता है? क्या वह अपनी बात स्पष्ट तरीके से रख सकता है? मुश्किल स्थिति आने पर क्या वह घबरा जाता है या समाधान खोजने की कोशिश करता है। यानी GTO टेस्ट केवल शारीरिक ताकत का परीक्षण नहीं है। इसमें मानसिक क्षमता और टीमवर्क भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं।

चौथा दिन: Group Tasks और Personal Interview

इस चरण में ग्रुप से जुड़ी गतिविधियों के साथ व्यक्तिगत इंटरव्यू भी महत्वपूर्ण हो सकता है। इंटरव्यू में उम्मीदवार की पढ़ाई, परिवार, दोस्तों, रुचियों, उपलब्धियों, कमजोरियों, सामान्य जागरूकता और भविष्य के लक्ष्य से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए उम्मीदवार से पूछा जा सकता है कि वह सेना में क्यों जाना चाहता है, उसकी पढ़ाई कैसी रही है, खाली समय में क्या करता है या उसके जीवन में अब तक की सबसे बड़ी चुनौती क्या रही है। यहां सबसे जरूरी बात ईमानदारी है। अगर उम्मीदवार ने अपने बारे में आवेदन फॉर्म में कोई जानकारी दी है, तो उसे उसके बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

पांचवां दिन: Conference और अंतिम निर्णय

आखिरी दिन Conference का होता है। इसमें Psychologist, GTO और Interviewing Officer समेत बोर्ड के मूल्यांकनकर्ता उम्मीदवार के पूरे प्रदर्शन पर चर्चा करते हैं। इसके बाद यह तय किया जाता है कि उम्मीदवार का नाम आगे बढ़ाया जाए या नहीं।

यहां तक पहुंचने के बाद उम्मीदवार को अंतिम निर्णय का इंतजार रहता है। Recommend होने का मतलब यह नहीं है कि उसी समय नौकरी पक्की हो गई। इसके बाद मेडिकल जांच और फिर उपलब्ध सीटों के आधार पर अंतिम मेरिट तैयार की जाती है। भारतीय वायुसेना की चयन प्रक्रिया में AFSB recommendation के बाद medical examination और फिर All India Merit List का प्रावधान है।

SSB इंटरव्यू कठिन क्यों माना जाता है?

SSB इसलिए कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें किसी एक विषय की तैयारी करके सफलता हासिल करना आसान नहीं है। यहां उम्मीदवार के व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को कई माध्यमों से परखा जाता है। उम्मीदवार लगातार कई दिनों तक अलग-अलग तरह के टेस्ट देता है। एक टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी अगले चरणों में लगातार संतुलित प्रदर्शन करना पड़ता है। यहां बनावटी व्यवहार लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल होता है। Psychologist, GTO और Interviewing Officer अलग-अलग परिस्थितियों में उम्मीदवार को देखते हैं।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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