यूपी पुलिस में भर्ती होकर वर्दी पहनने का सपना हजारों युवाओं का होता है। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक जांच भी अहम भूमिका निभाती है। कई उम्मीदवार पढ़ाई पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन फिजिकल की तैयारी को आखिरी समय तक टालते रहते हैं। यही गलती बाद में परेशानी की वजह बन सकती है। यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है कि PST यानी Physical Standard Test में उम्मीदवार की लंबाई, सीना और वजन जैसे शारीरिक मानकों की जांच की जाती है, जबकि दौड़ जैसी शारीरिक क्षमता की परीक्षा आमतौर पर PET यानी Physical Efficiency Test के तहत आती है। भर्ती के पद और नोटिफिकेशन के अनुसार नियम अलग हो सकते हैं।
लिखित परीक्षा से ज्यादा कठिन क्यों लगती है फिजिकल परीक्षा?
लिखित परीक्षा की तैयारी में उम्मीदवार अपनी सुविधा के हिसाब से पढ़ाई का समय बढ़ा सकता है। कमजोर विषय को बार-बार पढ़कर उसमें सुधार भी किया जा सकता है। लेकिन फिजिकल टेस्ट में शरीर को तय मानकों पर खरा उतरना होता है। यहां केवल मेहनत नहीं, बल्कि लगातार अभ्यास और फिटनेस भी जरूरी होती है।
ज्यादातर उम्मीदवार कहां करते हैं चूक
खासकर जो उम्मीदवार लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं करते, उनके लिए अचानक दौड़ना या कठिन वर्कआउट शुरू करना मुश्किल हो सकता है। कई बार उम्मीदवार मानसिक रूप से तैयार होते हैं, लेकिन शरीर उनका साथ नहीं देता। इसलिए फिजिकल को लिखित परीक्षा से कम महत्व देना बड़ी गलती हो सकती है।
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फिजिकल टेस्ट की तैयारी कब से शुरू करें?
फिजिकल की तैयारी भर्ती का नोटिफिकेशन आने के बाद शुरू करने के बजाय पहले से करना ज्यादा फायदेमंद रहता है। अगर कोई युवा पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है तो उसे अपनी रोजाना की दिनचर्या में एक्सरसाइज और रनिंग को शामिल करना चाहिए। शुरुआत में शरीर पर ज्यादा दबाव डालने की जरूरत नहीं है। हल्की दौड़, तेज वॉक, स्ट्रेचिंग और सामान्य एक्सरसाइज से शुरुआत की जा सकती है। धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय और दूरी बढ़ाएं। इससे शरीर को मेहनत की आदत होगी और अचानक ज्यादा व्यायाम करने से होने वाली परेशानी से भी बचा जा सकेगा।
फिजिकल की तैयारी में किन बातों का ध्यान रखें?
सबसे पहले अपनी फिटनेस का वर्तमान स्तर समझें। अगर काफी समय से व्यायाम नहीं किया है तो धीरे-धीरे शुरुआत करें। रनिंग से पहले वार्मअप और दौड़ के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें। खाने-पीने पर भी ध्यान देना जरूरी है। रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और भोजन में प्रोटीन, दाल, दूध, अंडे, फल, हरी सब्जियां और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलेगा तो लगातार अभ्यास करना मुश्किल हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी तरह के शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें। अचानक बहुत ज्यादा दौड़ लगाने या भारी एक्सरसाइज करने से चोट लग सकती है। दर्द या लगातार परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
यूपी पुलिस भर्ती में PST क्यों जरूरी होता है?
पुलिस की नौकरी में केवल पढ़ाई और लिखित ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता। पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ सकती है, मौके पर तेजी से पहुंचना पड़ सकता है और कई बार शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की शारीरिक क्षमता और निर्धारित शारीरिक मानकों को भी जांचा जाता है। इसका उद्देश्य यह देखना होता है कि उम्मीदवार पुलिस सेवा की शारीरिक जरूरतों के लिए उपयुक्त है या नहीं।
सिर्फ परीक्षा की तारीख का इंतजार न करें
पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं को लिखित परीक्षा और फिजिकल तैयारी को साथ लेकर चलना चाहिए। रोज कुछ समय पढ़ाई के लिए और कुछ समय फिटनेस के लिए निकालें। सबसे अच्छा तरीका यही है कि भर्ती का विज्ञापन आने के बाद तैयारी शुरू करने के बजाय उससे काफी पहले अपनी फिटनेस पर काम शुरू कर दिया जाए। आखिर में एक और बात ध्यान दें, फिटनेस का ध्यान सभी को देना चाहिए। अगर आपका सेलेक्शन पुलिस में नहीं हुआ तब भी आप यह मत सोचिएगा कि आपकी मेहनत बेकार हो गई। फिटनेस सबके जीवन में उम्र भर काम आती है।
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