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JMB के ऑफशूट की आतंकी साजिश का NIA ने किया भंडाफोड़, असम-बंगाल-केरल में 16 ठिकानों पर छापे, 13 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस समय असम पुलिस ने असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को STF पुलिस स्टेशन में केस नंबर 06/2025 दर्ज किया गया।

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एनआईए।

Photo : ANI

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के एक कथित ऑफशूट इमाम महमूदेर काफिला (IMK) से जुड़ी आतंकी साजिश के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 29 सितंबर 2026 को असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। NIA के मुताबिक, यह साजिश पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन के नेटवर्क और कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने से जुड़ी थी।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड समेत कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में 8 असम, 4 पश्चिम बंगाल और एक आरोपी केरल से है।

दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था मामला

NIA के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस समय असम पुलिस ने असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को STF पुलिस स्टेशन में केस नंबर 06/2025 दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर बांग्लादेश स्थित हैंडलर्स 'Purva Akash' नाम के टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण मॉड्यूल चला रहे थे। इस मामले में 35 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

जांच के बाद 11 आरोपियों के खिलाफ 25 जून 2026 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। बाद में NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में ली और असम के गुवाहाटी स्थित NIA की विशेष अदालत में इन आरोपियों के खिलाफ BNS 2023 और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की।

पूर्वोत्तर में नेटवर्क फैलाने की साजिश का आरोप

NIA की जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर IMK/JMB की विचारधारा को पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में फैलाने की साजिश में शामिल थे। एजेंसी का आरोप है कि इसके लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, संगठन के नेटवर्क का विस्तार करने और चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, JMB के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में प्रतिबंधित संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए IMK की स्थापना की थी।

गुप्त बैठकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल

NIA के अनुसार, कथित साजिश के तहत गुप्त बैठकें आयोजित की जाती थीं और धार्मिक विचारधारा के नाम पर इंडोक्ट्रिनेशन कार्यक्रम चलाए जाते थे। इसके अलावा चरमपंथी साहित्य का प्रसार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भारत विरोधी प्रचार किए जाने की बात जांच में सामने आई है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों द्वारा IMK/JMB के नेतृत्व के प्रति निष्ठा को बढ़ावा देने की भी कोशिश की जा रही थी।

10 आरोपी अब भी फरार

NIA ने बताया कि इस मामले में 10 आरोपी अभी भी फरार हैं। इनमें एक भारतीय नागरिक और नौ बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। यह मामला RC-01/2026/NIA/GUW के तहत जांच के अधीन है।
Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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