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IIT कानपुर से लेकर Meta तक, यूपी के त्रपित बंसल को मिला 800 करोड़ का ऑफर

Who Is Trapit Bansal: उत्तर प्रदेश के रहने वाले पूर्व आईआईटी कानपुर के छात्र त्रपित बंसल मेटा ने 800 करोड़ा का पैकेज ऑफर किया है। यहां आप त्रपित के सफलता की कहानी जान सकते हैं।

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Who Is Trapit Bansal: कौन हैं त्रपित बंसल, जिन्हें मेटा ने ऑफर किया 800 करोड़ का पैकेज

Who Is Trapit Bansal: हर किसी का सपना अच्छी नौकरी और शानदार पैकेज का होता है, लेकिन इस सफलता को वही हासिल कर पाता है जिसके अंदर मेहनत करने का लगन होता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के रहने वाले पूर्व आईआईटी कानपुर के छात्र त्रपित बंसल ने। त्रपित को फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने सुपर इंटेलिजेंस टीम के लिए 800 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Meta ने उन्हें अपने नए डिवीजन में शामिल होने का बड़ा ऑफर दिया था। ऐसे में हर कोई उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक है। बता दें त्रपित की पहचान सिर्फ इस पैकेज तक सीमित नहीं है, इसके पीछे उनकी कई वर्षों की पढ़ाई, रिसर्च, इंटर्नशिप और AI के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है।

Trapit Bansal Education: आईआईटी कानपुर के छात्र

त्रपित बंसल के पढ़ाई लिखाई की बात करें तो उनके रिसर्च का आधार मैथ्स और स्टैटिक्स रहा है। उन्होंने आईआईटी कानपुर में इन विषयों पर उच्च शिक्षा हासिल की। 2007 से 2012 तक उन्होंने गणित और स्टेटिक्स में पीएचडी की। बता दें इन दोनों विषयों को AI और मशीन लर्निंग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि AI सिस्टम के पीछे डेटा, गणना और आंकड़ों की समझ अहम भूमिका निभाती है। आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान बंसल ने अपनी रिसर्च के जरिए ऐसे क्षेत्रों पर काम किया, जो आगे चलकर AI की दुनिया में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए।

AI के इन क्षेत्रों पर किया काम

त्रपित बंसल की डॉक्टरेट रिसर्च में नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग और मेटा लर्निंग जैसे विषय शामिल रहे। आसान भाषा में समझें तो नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के जरिए कंप्यूटर को इंसानी भाषा समझने और उस पर काम करने की क्षमता विकसित की जाती है।

IISC बेंगलुरु में मशीन लर्निंग और लैब से जुड़े

IIT कानपुर से अपनी अकादमिक पढ़ाई पूरी करने के बाद त्रपित बंसल भारतीय विज्ञान संस्थान यानी IISc, बेंगलुरु की मशीन लर्निंग लैब से जुड़े। यहां उन्होंने मशीन लर्निंग और एआई से जुड़े रिसर्च कार्य को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्हें नई तकनीकों पर काम करने और AI की जटिल समस्याओं को समझने का अवसर मिला। उनके करियर से यह भी पता चलता है कि किसी बड़े टेक संस्थान तक पहुंचने के लिए केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि लगातार सीखना और रिसर्च करना भी जरूरी है।

Facebook से OpenAI तक का अनुभव

Meta से जुड़ने से पहले त्रपित बंसल ने दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम और रिसर्च का अनुभव हासिल किया। उन्होंने Facebook, Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियों में रिसर्च इंटर्नशिप की। इन कंपनियों में काम करने से उन्हें एआई की अलग-अलग तकनीकों और दुनिया के बड़े शोधकर्ताओं के साथ काम करने का मौका मिला। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, त्रपित बंसल 2025 में मेटा के नए एआई रिसर्च डिवीजन से फाउंडिंग रिसर्चर के तौर पर जुड़े।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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