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छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मथुरा किस महाजनपद राजधानी थी, नहीं जानते होंगे आप

Which Majanapadas Capital Was Mathura: क्या आप जानते हैं कि छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मथुरा किसकी राजधानी थी। अक्सर ऐसे सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं और परीक्षार्थी कंफ्यूज हो जाते हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

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Which Majanapadas capital was Mathura: छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मथुरा किसकी राजधानी थी

Which Majanapadas Capital Was Mathura: भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और खान-पान देखने को मिलते हैं। देशभर में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। यहां कुल 797 जिले हैं। इसमें 28 राज्यों में 752 जिले और 8 केंद्र शासित प्रदेश में कुल 45 जिले शामिल हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मथुरा किस महाजनपद राजधानी थी। अक्सर ऐसे सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं और परीक्षार्थी कंफ्यूज हो जाते हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

मथुरा किसकी राजधानी थी

प्राचीन भारत के इतिहास में छठी शताब्दी ईसा पूर्व का समय राजनीतिक बदलावों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दौर में उत्तर भारत में कई शक्तिशाली राज्यों का उदय हुआ, जिन्हें 16 महाजनपदों के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इन्हीं महाजनपदों में शूरसेन भी शामिल था। इसकी राजधानी मथुरा थी। शूरसेन महाजनपद का क्षेत्र आज के ब्रज क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है।

मथुरा इस राज्य का केंद्र

यमुना नदी के किनारे स्थित मथुरा इस राज्य का प्रमुख शहर था। अपनी अच्छी भौगोलिक स्थिति के कारण मथुरा सिर्फ शासन का केंद्र ही नहीं था, बल्कि यहां व्यापार और संस्कृति भी खूब विकसित हुई। प्राचीन समय में कई महत्वपूर्ण रास्ते मथुरा से होकर गुजरते थे, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया।

बौद्ध साहित्य में भी मिलता है उल्लेख

बता दें शूरसेन का जिक्र पुराने बौद्ध ग्रंथों में भी मिलता है। अंगुत्तर निकाय में शूरसेन को प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में शामिल किया गया है। उस समय अलग-अलग महाजनपदों के बीच सत्ता और अपने क्षेत्र को बढ़ाने के लिए मुकाबला होता था। शूरसेन की राजधानी मथुरा भी उस समय एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र थी। धीरे-धीरे मथुरा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी परंपराओं, व्यापार, कला और संस्कृति का भी बड़ा केंद्र बन गया। बाद में मौर्य, शुंग और कुषाण जैसे कई राजवंशों का इस क्षेत्र पर शासन या प्रभाव रहा।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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