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किसका ब्रेन चाइल्ड हैं एशियाई खेल,कैसे हुई थी इसकी शुरुआत, जानिए इतिहास

जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किसका ब्रेन चाइल्ड है एशियाई खेल और कैसे हुई थी इनकी शुरुआत? जानिए इतिहास?

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पहले एशियाई खेल 1951 (फोटो AI Generated/ News Room Curated)
Authored by: नवीन चौहान
Updated Sep 19, 2026, 18:22 IST
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Asian Games History: जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत 19 सितंबर, 2026 को हो गई। इस बार एशियाई खेलों में 45 देशों के 15 हजार से ज्यादा एथलीट शिरकत कर रहे हैं। 20वें एशियाई खेलों में 43 खेलों में 469 मेडल स्पर्धाओं का आयोजन होगा। इस बार टेकबॉल, पेडल और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स जैसे खेलों को पहली बार शामिल किया गया है। जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेजबानी कर रहा है। साल 1958 और 1994 में भी जापान में इन खेलों का आयोजन हुआ था। भारत के 501 एथलीट्स के 36 खेलों में प्रतिस्पर्धा करते नजर आएंगे। एशियाई खेलों के 75 साल भी पूरे हो चुके हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किसका ब्रेन चाइल्ड है एशियाई खेल और कैसे हुई थी इनकी शुरुआत?

ऐसे हुई थी आयोजन की शुरुआत

एशियाई खेलों की शुरुआत साल 1951 में हुई थी। एशियाई खेलों के आयोजन का विचार सबसे पहले भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि गुरु दत्त सोंधी (GD Sondhi) ने साल 1948 में लंदन ओलंपिक के आयोजन के दौरान रखा था। उनका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध और उपनिवेशवाद की समाप्ति के बाद बाद एशियाई देशों के बीच आपसी सद्भाव, शांति और एकता को बढ़ावा देना था ऐसे में उन्होंने एशिया के लिए अलग क्षेत्रीय खेल आयोजित करने की पहल की। उन्होंने एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने इस विचार पर चर्चा की और एशियाई खेलों के लिए एक महासंघ बनाने की दिशा में सहमति बनी। फरवरी 1949 में नई दिल्ली में एशियाई एथलेटिक्स फेडरेशन (Asian Athletic Federation) का औपचारिक तौर पर गठन हुआ।

एशियाई देशों के बीच मित्रता बढ़ाने का माध्यम

एशियाई खेलों के आयोजन के विचार को मूर्त रूप देने में जीडी सोंधी, महाराजा यादवेंद्र सिंह और एंथनी डी मेलो जैसे लोगों की अहम भूमिका रही। इस दौरान उन्हें भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का पूरा सहयोग मिला। नेहरू का संदेश “खेल को खेल भावना से खेलो (Play the game, in the spirit of the game) एशियाई खेलों की पहचान का हिस्सा बन गया। भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लिए एशियाई खेल केवल खेल प्रतियोगिता नहीं थे। उनके संदेश में खेल को एशियाई देशों के बीच दोस्ती, समझ और सहयोग का माध्यम बनाने की सोच दिखाई दी थी। पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भी एशियाई देशों के बीच मित्रता और समझ बढ़ाने की बात कही थी।

नेशनल स्टेडियम में हुआ था आयोजन

पहले एशियाई खेलों का आयोजन नई दिल्ली में होना तय हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप पहले एशियाई खेलों का आयोजन 1950 में होना था लेकिन तैयारियों में देरी के कारण इन्हें मार्च 1951 तक के लिए टाल दिया गया। ऐसे में 4 से 11 मार्च 1951 के बीच नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में पहले एशियाई खेलों का आयोजन हुआ। इन खेलों में 11 देशों अफगानिस्तान, म्यांमार(तब बर्मा), श्रीलंका(तब सीलोन), इंडोनेशिया, ईरान, जापान, नेपाल, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और मेजबान भारत 489 एथलीट्स ने 6 खेलों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, साइकिलिंग, फुटबॉल, तैराकी और भारोत्तोलन) की 57 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था। जापान पदक तालिका में 24 गोल्ड, 31 सिल्वर और 15 कांस्य पदक के साथ पहले पायदान पर रहा था। मेजबान भारत ने 15 गोल्ड, 16 सिल्वर और 20 कांस्य पदक सहित कुल 51 पदक जीते थे और दूसरे स्थान पर रहा था। ईरान ने 8 गोल्ड, 6 सिल्वर और 2 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते थे और तीसरे पायदान पर रहा था।

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