Watch City of India: भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक स्मारकों और अनोखे भौगोलिक स्थानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां बसे हर शहर की अपनी एक अलग कहानी और पहचान है। किसी को पीतल नगरी कहा जाता है तो किसी शहर को पिंक सिटी नाम उसकी खासियत पर दिया गया है। लेकिन क्या आप उस शहर के बारे में जानते हैं, जिसे घड़ियों के शहर के तौर पर जाना जाता है। आइए आज जानते हैं कि 'घड़ियों के शहर' के रूप में किस शहर को जाना जाता है और इसके पीछे कि वजह क्या है?
भारत में शहरों को मिले निकनेम
28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेश में 7 हजार से अधिक शहर बसे हुए हैं। इन शहरों को उनकी खासियत के आधार पर निकनेम दिया गया है। इसी कड़ी में आज हम घड़ियों के शहर के बारे में बात करेंगे।
किसे कहा जाता है घड़ियों का शहर
भारत में घड़ियों के शहर (city of watches india) के रूप में तमिलनाडु के होसुर को जाना जाता है। लेकिन बात जब दीवार घड़ी की आती है तो गुजरात का मोरबी शहर भी दुनिया में घड़ियों को लेकर प्रसिद्ध है। आइए आपको दोनों शहरों के बारे में बताएं।तमिलनाडु के होसुर को क्यों कहा जाता है घड़ियों का शहर
होसुर वही स्थान है,जहां दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी घड़ी निर्माता कंपनी मौजूद है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में घड़ियों का उत्पादन किया जाता है। घड़ी के निर्माण की वजह से ही इस शहर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बदल गई है। बता दें कि यहां न केवल घड़ियां बनाई जाती है, बल्कि उसके सूक्ष्म पुर्जों का निर्माण भी किया जाता है। यही कारण है कि इस शहर को घड़ियों का शहर कहा जाता है।
मोरबी को मिली घड़ियों के लिए ऐतिहासिक पहचान
अगर ऐतिहासिक और दीवार घड़ियों की बात आती है तो गुजरात का मोरबी शहर का नाम सामने आता है। यह शहर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां घड़ियों का निर्माण बड़ी मात्रा में किया जाता है। घड़ियों के उत्पादन में मोरबी टॉप शहरों में से एक है।
आज देखिये GSEB SSC 10th Result 2026 मार्कशीट डाउनलोड लिंक रोल नंबर वाइज पीडीऍफ़, ऑफिसियल वेबसाइट के लिंक्स, और पास परसेंटेज के लिए फॉलो करें हमारे लाइव ब्लॉग को सबसे लेटेस्ट अपडेट टाइम्स नाउ नवभारत एजुकेशन सेक्शन पर
