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उत्तर प्रदेश के किस शहर को Engineering City कहा जाता है? जानें कैसे मिला यह निकनेम

Engineering City in UP: यूपी में 75 जिले हैं बसे हुए हर शहर की अपनी अलग खासियत है। इन्हीं में एक शहर ऐसा है, जिसे इंजीनियरिंग सिटी के नाम से जाना जाता है। आइए उसके बारे में विस्तार से बताएं।

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Engineering City

Engineering City in UP: उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन बदलते समय के साथ, इस राज्य ने औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जब हम उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की बात करते हैं, तो एक शहर का नाम सबसे ऊपर उभर कर आता है, जिसे अक्सर 'इंजीनियरिंग सिटी' या उत्तर प्रदेश का औद्योगिक केंद्र कहा जाता है। आइए आज यूपी की इंजीनियरिंग सिटी के बारे में विस्तार से जानें।

उत्तर प्रदेश में कितने जिले हैं?

उत्तर प्रदेश का गठन 24 जनवरी 1950 में किया गया था। पहले यह संयुक्त प्रांत के नाम से जाना था। यूपी में 18 मंडल हैं और 75 जिले हैं। हर एक जिले की अपनी एक अलग खासियत है। किसी को ताला नगरी कहा जाता है तो किसी को खुशबू का शहर। इसी कड़ी में आज आपको इंजीनियरिंग सिटी के बारे में बताएं।

किस शहर को कहा जाता है इंजीनियरिंग सिटी?

उत्तर प्रदेश में स्थित सैकड़ों शहरों में गाजियाबाद वो शहर है जिसे इंजीनियरिंग सिटी के नाम से जाना जाता है।

इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है इंजीनियरिंग सिटी कहलाने की वजह

यह जानने के बाद कि गाजियाबाद (Ghaziabad) को इंजीनियरिंग सिटी के नाम से जाना जाता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या वजह है कि इस शहर को इंजीनियिरिंग सिटी कहा गया। बता दें कि इस शहर को इंजीनियरिंग कॉलेज के कारण यह नाम नहीं मिला है। इसकी वजह दूसरी है।

क्यों गाजियाबाद को कहा जाता है इंजीनियरिंग सिटी

गाजियाबाद को इंजीनियरिंग सिटी इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में मशीनों और उनके कलपुर्जों को बनाया जाता है। यह मशीनें छोटे और लघु उद्योग में काम आते है और साथ ही साथ इंजीनियरिंग के अलग-अलग क्षेत्रों में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि इस शहर को यह निकनेम दिया गया है।

इंजीनियरिंग सिटी के साथ मिले यह नाम

इंजीनियरिंग सिटी के साथ गाजियाबाद को मिनी दिल्ली और यूपी के प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है। दिल्ली से सटे होने के कारण और पश्चिमी यूपी में होने के साथ यह एनसीआर में प्रवेश के लिए प्रमुख माना जाता है। यही कारण है कि इसे यूपी का प्रवेश द्वार कहा जाता है। अब बात आती है मिनी दिल्ली के नाम की, तो बता दें कि आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ शहरीकरण और जीवनशैली के कारण गाजियाबाद को मिनी दिल्ली कहा जाता है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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