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What is Yellow Alert: क्या होता है Yellow अलर्ट, मौसम विभाग क्यों करता है जारी

What is Yellow Alert in Hindi: दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने 17 सितंबर को बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। कभी न कभी आपके भी मन में आता होगा कि येलो अलर्ट क्या होता है, yellow alert ka matlab kya hota hai, चलिए जानें

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क्या होता है Yellow अलर्ट (image - TNN)

What is Yellow Alert in Hindi, Yellow Alert ka matlab kya hota hai: अक्सर आपने सुना या पढ़ा होगा कि बारिश से हुए खराब मौसम में yellow alert जारी कर दिया जाता है। येलो अलर्ट क्या होता है? येलो अलर्ट का क्या मतलब है? येलो अलर्ट कहां जारी होता है? अगर आप भी ऐसी ट्रेंडिंग टर्म को समझना पसंद करते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। बता दें, जागरूक छात्रों को न्यूज में आने वाले हर टर्म को समझना जरूरी है, क्योंकि इंटरव्यू में अक्सर किसी टर्म के बारे में पूछ लिया जाता है, जैसे Yellow अलर्ट से जुड़ा सवाल पूछा जा सकता है कि 'Yellow अलर्ट से आप क्या समझते हैं?

खबर में क्यों, Yellow Alert News

दिल्ली-एनसीआर में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। साथ ही पारे में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद अभी दो से तीन दिनों से बारिश रुकी हुई है और जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश को लेकर येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।

Yellow Alert कौन करता है जारी, Yellow Alert IMD

पहले यह जान लें कि Yellow Alert केवन भारतीय मौसम विभाग (IMD) जारी करता है। जैसे IMD ने आज भी Yellow Alert जारी किया है, जिसका यहां मतलब है कि बुधवार यानी 18 सितंबर को अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और तेज बारिश होने की संभावना है।

येलो अलर्ट क्या होता है, Yellow Alert Kya Hota Hai

Yellow Alert ka matlab kya hota hai? येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब है और आने वाले समय में और खराब हो सकता है। yellow alert यह भी बताता है कि सावधान रहने की जरूरत है और जरूरी पड़े तो ही बाहर निकले या फिर अपने बचाव का इंतजाम करके निकले।

IMD ने कहा

बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती हे। हालांकि, NCR में बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से निजात तो मिल रही है, लेकिन जलभराव और अन्य कारणों से दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। बारिश के बाद सड़कों का हाल बुरा हो जाता है। लोगों को घंटो ट्रैफिक समस्या से जूझना पड़ता है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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