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Territorial Army क्या होती है, रेगुलर आर्मी से कितना अलग होता है जॉइनिंग प्रोसेस

Territorial Army vs Indian Army: केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख को अधिकार दिया है कि वे जरूरत पड़ने पर सेना की मदद के लिये टेरिटोरियल आर्मी के अधिकारियों और जवानों को बुला सकते हैं। मगर क्या आप ये जानते हैं कि आखिर टेरिटोरियल आर्मी और इंडियन आर्मी दोनों में क्या अंतर होता है? इनकी ज्वाइनिंग प्रोसेस कैसे एक दूसरे से अलग है ? Territorial Army and Indian Army Difference, Territorial Army vs Indian Army

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What is Territorial Army and how its different from regular army

What is Territorial Army : 12वीं पास करने के बाद कई युवाओं का सपना होता है कि वे आर्मी ज्वाइन कर देश की सेवा करें। समय-समय पर आर्मी की भर्ती निकलती है। इसके जॉइनिंग प्रोसेस में मेडिकल से लेकर फिजिकल टेस्ट तक होता है। इंडियन आर्मी के साथ-साथ देशसेवा का सपना देख रहे युवाओं को टेरिटोरियल आर्मी के बारे में भी पता होना चाहिए। आपने कभी न कभी इस तरह की आर्मी के बारे में तो सुना ही होगा। चलिये आपको बताते हैं कि टेरिटोरियल आर्मी क्या है और कैसे ये इंडियन आर्मी से अलग होती है। साथ ही दोनों में ज्वाइनिंग कैसे होती है ?

टेरिटोरियल आर्मी भारत की एक रिजर्व फोर्स है, जो जरूरत पड़ने पर रेगुलर आर्मी यानी Indian Army की मदद करती है। इसमें शामिल होने वाले लोग आमतौर पर प्राइवेट नौकरी करते हैं, अपना बिजनेस करते हैं या फिर प्रोफेशनल (इंजीनियर, डॉक्टर्स) होते हैं। लेकिन ट्रेनिंग के बाद ये लोग आर्मी की तरह ही पूरी यूनिफॉर्म पहनते हैं और अपनी ड्यूटी करते हैं।

इंडियन आर्मी क्या है ? Indian Army :

  • इंडियन आर्मी भारत की स्थायी सेना है, जो देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए जिम्मेदार है।
  • इसके जवान पूर्णकालिक सैनिक होते हैं जो देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
  • रेगुलर सेना के जवानों को कठोर और प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिया जाता है, वे हर प्रकार की युद्ध के लिए तैयार रहते हैं।
  • इंडियन आर्मी के जवानों को नियमित रूप से वेतन और अन्य लाभ मिलते हैं।

टेरिटोरियल आर्मी क्या है ? What is Territorial Army :

  • टेरिटोरियल आर्मी एक अर्ध-सैनिक बल है, जो देश की सुरक्षा में सहायता करने के लिए बनाया गया है।
  • इसके जवान आमतौर पर नागरिक जीवन में रहते हैं और नियमित रूप से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
  • टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को विशिष्ट परिस्थितियों में ही बुलाया जाता है, जैसे कि युद्ध या आपदा के समय।
  • टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को भी वेतन और अन्य लाभ मिलते हैं, लेकिन यह इंडियन आर्मी के जवानों की तुलना में अलग हो सकता है।

जानें टेरिटोरियल आर्मी के बारे में... (Territorial Army)

टेरिटोरियल आर्मी उन नागरिकों के लिए एक अच्छा मौका है, जो अपने काम को जारी रखते हुए देश की रक्षा और सेवा में योगदान देना चाहते हैं। यह एक अंशकालिक (Part-Time) सैन्य बल है, जो सेवा भावना रखने वाले नागरिकों को सेना से जुड़ने का मंच प्रदान करता है। टेरिटोरियल आर्मी के जवान हर वर्ष कुछ सप्ताह या महीने के लिए ट्रेनिंग लेते हैं। इनकी ट्रेनिंग रेगुलर सेना की तुलना में कम गहन होती है, और इन्हें केवल विशेष परिस्थितियों में ही एक्टिव ड्यूटी पर बुलाया जाता है, जैसे कि-

  • आंतरिक सुरक्षा (Internal Security)
  • आपदा प्रबंधन (Disaster Management)

ऐसे होता है चयन

रेगुलर आर्मी में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले NDA, CDS या फिर अन्य एंट्री के जरिये रिटन परीक्षा पास करनी होती है जो आमतौर पर UPSC आयोजित करता है। फिर इसके बाद चुने गए उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। ये लगभग 5 दिनों तक चलता है और इसमें उम्मीदवारों को परखा जाता है। SSB निकालने के बाद मेडिकल होता है। इसके बाद फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है।

टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी नौकरी या फिर बिजनेस में पहले से ही होना जरूरी है। इसमें चयन लिखित परीक्षा से होता है, जिसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, मैथ्स और अंग्रेजी से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद उम्मीदवार का बेसिक स्क्रीनिंग होती है। फिर मेडिकल जांच होती है। अंत में मेरिट के आधार पर चयन होता है।

इंडियन आर्मी (Indian Army)

भारतीय सेना एक पूर्णकालिक (फुल-टाइम) और पेशेवर सैन्य बल है, जिसमें सैनिक और अधिकारी राष्ट्र की सेवा के लिए पूरी तरह से समर्पित होते हैं। इनकी नियुक्ति लंबी अवधि के लिए की जाती है- (आम तौर पर 10 सालों या उससे ज्यादा के लिए) और जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।

कठोर होती है आर्मी के जवानों की ट्रेनिंग

रेगुलर आर्मी के जवानों को कठोर और उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे हर प्रकार की युद्ध स्थिति, सुरक्षा चुनौती और आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से सक्षम रहते हैं। ये सैनिक सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर देश के भीतरी शांतिपूर्ण क्षेत्रों तक, कहीं भी तैनात किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता होने पर इन्हें अंतरराष्ट्रीय मिशनों के अंतर्गत विदेशों में भी भेजा जा सकता है।

इस शाखा में एक सुसंगठित कैरियर प्रणाली होती है, जिसमें प्रमोशन, विशेष प्रशिक्षण और विविध भूमिकाएं निभाने के अवसर उपलब्ध होते हैं। यह न केवल युवाओं को स्थिर और सम्मानजनक करियर प्रदान करता है, बल्कि राष्ट्र सेवा की भावना को भी जीवित रखता है।

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Kusum Bhatt
कुसुम भट्ट author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

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