अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान इजराइली बस्ती में हथियारबंद लोगों ने उन्हें 'बंधक'बना लिया था। कैलिफोर्निया से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य और डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील नेताओं में गिने जाने वाले खन्ना ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि यह घटना उस समय हुई जब उनका प्रतिनिधिमंडल दक्षिणी वेस्ट बैंक के उन गांवों का दौरा कर रहा था, जहां हाल के महीनों में बसने वालों के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं।
एम4एस राइफल से लैस थे बंधक बनाने वाले लोग- रो खन्ना
इसके बाद खन्ना ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फलस्तीन की मेरी यात्रा के दौरान अमेरिकी-निर्मित एम4एस राइफल लहराते हुए इजराइली बस्ती के लोगों ने मुझे और अन्य अमेरिकियों को हिरासत में ले लिया। जब आईडीएफ (इजराइली रक्षा बल) वहां पहुंची, तो उसने हथियारबंद लोगों का साथ दिया और हमें बंधक बनाये रखा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की।
खन्ना ने बताया कि उनका समूह एक ऐसे फिलिस्तीनी गांव में गया था जहां पहले हुए हमलों में एक स्कूल समेत कई इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया था या उन्हें नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बसने वालों ने उन्हें वहां से जाने नहीं दिया और बाद में इजरायली सेना को बुलाया। खन्ना का दावा है कि मौके पर पहुंचे सैनिकों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मदद करने के बजाय बसने वालों का पक्ष लिया।
कैमरून कास्की ने दी ये जानकारी
अमेरिकी सांसद ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बसने वालों के पास अमेरिकी निर्मित एम-4 राइफलें थीं। उनके अनुसार, यह घटना इस सवाल को भी उठाती है कि कब्जे वाले क्षेत्रों में अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल किस प्रकार हो रहा है। खन्ना के साथ मौजूद उनके सहयोगी कैमरून कास्की ने बताया कि समूह ने सहायता के लिए यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि बाद में पुलिस अधिकारियों जैसे दिखने वाले कुछ सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद समूह को वहां से निकलने की अनुमति मिली।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब वेस्ट बैंक में इजरायली बसने वालों की बढ़ती हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है और कुछ अमेरिकी सांसद इजरायल को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता और उसके इस्तेमाल पर अधिक निगरानी की मांग कर रहे हैं।
