समुद्र में लंबी दूरी तक तैरना अपने आप में बेहद मुश्किल चुनौती है, लेकिन इंग्लिश चैनल को तैरकर पार करना दुनिया की सबसे कठिन ओपन-वॉटर स्विमिंग चुनौतियों में से एक है। 'इंग्लिश चैनल' ब्रिटेन और फ्रांस के बीच स्थित समुद्री जलमार्ग है। इसका सबसे संकरा हिस्सा 'डोवर स्ट्रेट' कहलाता है, जहां इंग्लैंड और फ्रांस के बीच सीधी दूरी करीब 33 किलोमीटर है। हालांकि तेज समुद्री धाराओं और ज्वार-भाटे के कारण तैराकों को अक्सर इससे कहीं ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है।
कौन हैं बुला चौधरी?
बुला चौधरी भारत की मशहूर तैराक हैं, जो लंबी दूरी तय करने के लिए जानी जाती है। उनका जन्म 2 जनवरी 1970 को पश्चिम बंगाल के हुगली में हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र से ही तैराकी शुरू कर दी थी और आगे चलकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। नौ साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह अलग-अलग स्पर्धाओं में छह स्वर्ण पदक जीते थे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बारिश कितनी मिलीमीटर (mm) या सेंटीमीटर (cm) हुई है, इसे मापने का क्या है तरीका
जल परी की उपाधि
बुला चौधरी को तैराकी में शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्हें लंबी दूरी की तैराकी में उनके असाधारण प्रदर्शन के कारण ‘जल परी’ के नाम से भी जाना जाता है। बाद में उन्होंने पांचों महाद्वीपों के समुद्री चैनलों को तैरकर पार करने वाली पहली महिला के रूप में भी इतिहास बनाया।
बुला चौधरी ने इंग्लिश चैनल कब पार किया?
Bula Choudhury ने पहली बार वर्ष 1989 में इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया था। इसके करीब 10 साल बाद उन्होंने एक बार फिर इस चुनौती को स्वीकार किया और 2 सितंबर 1999 को दूसरी बार इंग्लिश चैनल पार किया। दूसरी बार उन्होंने इंग्लैंड से फ्रांस तक की दूरी 13 घंटे 15 मिनट में पूरी की।
जब रचा इतिहास
1999 में दूसरी बार इंग्लिश चैनल पार करना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। इस उपलब्धि के साथ वह एशिया की पहली महिला बनीं, जिसने दो बार इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: लाखों किलो वजन वाले बादल कैसे उड़ते हैं, ये गिरते क्यों नहीं? जानिए विज्ञान
