साल दर साल हम सभी की कमाई बढ़ रही है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि कमाई तो बढ़ रही है, फिर भी जेब क्यों खाली है? हम सब बढ़ी इनकम के बावजूद अपने जरूरी खर्च को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अगर आप भी इस परेशानी से घिरे हुए हैं और इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो इसका एक ही जवाब है कि आपकी कमाई को चुपके से महंगाई डायन खा रही है। आपको पता भी नहीं चल रहा है कि महंगाई आपकी कमाई को ही नहीं, बल्कि बचत पर भी सेंध लगा रहा है। आइए इससे 10 लाख के उदाहरण से समझते हैं।
पैसे की वैल्यू महंगाई के कारण घट रही
हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बचत करता है और उस पैसे को निवेश करता है। मान लेते हैं कि आपने आज बड़ी मेहनत से ₹10 लाख बचा लिए। बैंक में इसे जमा कर दिया। आपको लगा कि चलो हमने 10 लाख जमा कर लिए। लेकिन क्या आपने सोचा है कि 20 साल बाद इस ₹10 लाख की कितनी कीमत बचेगी? क्या इस 10 लाख से आप उतनी ही चीजें खरीद पाएंगे, जितनी आज खरीद सकते हैं? जवाब है, नहीं।
महंगाई का असर यही है कि आपको लगेगा कि मेरे पास 10 लाख रुपये है, लेकिन उसकी खरीदने की ताकत लगातार घटती रहती है। अगर हम औसत महंगाई दर 6% सालाना मानें, तो आज के ₹10 लाख की खरीदने की क्षमता 20 साल बाद घटकर करीब ₹3.12 लाख के बराबर रह जाएगी।
₹10 लाख की वैल्यू कैसे घटेगी?
अगर 6% सालाना महंगाई को लगातार मान लिया जाए, तो आज के ₹10 लाख की वास्तविक वैल्यू इस तरह घटेगी।
| साल | ₹10 लाख की वास्तविक वैल्यू |
|---|
| आज | ₹10,00,000 |
| 1 साल | ₹9,43,396 |
| 2 साल | ₹8,89,996 |
| 3 साल | ₹8,39,619 |
| 4 साल | ₹7,92,094 |
| 5 साल | ₹7,47,258 |
| 6 साल | ₹7,04,017 |
| 7 साल | ₹6,64,167 |
| 8 साल | ₹6,26,573 |
| 9 साल | ₹5,91,106 |
| 10 साल | ₹5,58,395 |
| 11 साल | ₹5,26,787 |
| 12 साल | ₹4,96,969 |
| 13 साल | ₹4,68,839 |
| 14 साल | ₹4,42,301 |
| 15 साल | ₹4,17,265 |
| 16 साल | ₹3,93,646 |
| 17 साल | ₹3,71,364 |
| 18 साल | ₹3,50,344 |
| 19 साल | ₹3,30,513 |
| 20 साल | ₹3,11,805 |
आज मंथली खर्च 10 हजार तो 20 साल बाद क्या?
मान लेते हैं कि आपके परिवार का मंथली खर्च 10 हजार रुपये है। अगर महंगाई लगातार 6% रहती है, तो 20 साल बाद आपको अपने खर्च को पूरा करने के लिए हर महीने करीब ₹32000 रुपये की जरूरत होगी। यानी आज जो चीज ₹10 लाख में मिल रही है, वही चीजें और सेवाएं 20 साल बाद खरीदने के लिए करीब ₹32 लाख की जरूरत पड़ सकती है। यही वजह है कि महंगाई को नजरअंदाज करने वाले लोग वित्तीय लक्ष्य से चूक जाते हैं। इसलिए सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि आपके पास कितने रुपये होंगे। यह भी देखना जरूरी है कि भविष्य में उन रुपयों से कितना सामान और सेवाएं खरीदी जा सकेंगी।
सिर्फ पैसा बचाना काफी नहीं
यही सबसे बड़ा सबक है। अगर कोई व्यक्ति 20 साल के लक्ष्य के लिए सिर्फ पैसा जमा करता है और उसके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न महंगाई से कम रहता है, तो उसकी वास्तविक संपत्ति घट सकती है अगर आपपेन निवेश किया और रिटर्न 3-4% है और महंगाई 6% की दर से बढ़ रही है, तो कागज पर रकम बढ़ सकती है, लेकिन महंगाई को घटाने के बाद का रिटर्न नकारात्मक होगा। इसलिए पैसे बचाने के साथ निवेश में खास ख्याल रखें। निवेश वैसी जगह करें जहां से आपको महंगाई को मात देने वाला रिटर्न मिले।
