UPTET OMR Sheets Error: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। ऐसे में एक ओर जहां पास होने वाले उम्मीदवार खुश हैं, वहीं करीब 60 हजार उम्मीदवार बेहद निराश हैं। बता दें यूपी टीईटी परीक्षा के हजारों अभ्यर्थियों के सामने ओएमआर शीट भरने में हुई छोटी गलतियां बड़ी परेशानी बन गई हैं। करीब 60 हजार अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम ओएमआर शीट में त्रुटियों के कारण प्रभावित हुआ है। इनमें लगभग 20 हजार सेवारत शिक्षक और शिक्षामित्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। अब शिक्षक संगठन और जनप्रतिनिधि अभ्यर्थियों को गलती सुधारने का मौका देने की मांग कर रहे हैं।
ओएमआर शीट में गलतियां
बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट में रोल नंबर, परीक्षा केंद्र कोड (Exam Centre Code), विषय कोड (Subject Code) या बुकलेट नंबर (Booklet Number) भरने में गलती कर दी। इन त्रुटियों के कारण उनकी उत्तर आंसर शीट का मूल्यांकन नहीं हो सका और रिजल्ट प्रभावित हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रश्नों के उत्तर सही दिए हैं और उत्तर कुंजी से मिलान करने पर कई उम्मीदवार उत्तीर्ण होने की स्थिति में हैं। इसलिए उनका मानना है कि मामूली मानवीय भूल के आधार पर उन्हें परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
इस मामले में सबसे अधिक चिंता उन सेवारत शिक्षकों और शिक्षामित्रों की है, जिनके लिए टेट उत्तीर्ण करना नौकरी से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्त है। इनमें कई अभ्यर्थियों की आयु 50 से 55 वर्ष के बीच बताई जा रही है। उनका कहना है कि यदि उन्हें ओएमआर शीट की जानकारी में सुधार का अवसर नहीं मिला तो उनकी नौकरी पर भी असर पड़ सकता है।
पास होने के लिए इतन मार्क्स
कई अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि सामान्य वर्ग में उन्हें 89.35 या 89.50 जैसे अंक मिल रहे हैं, जबकि उत्तीर्ण होने के लिए 90 अंक जरूरी माने जाते हैं। इसी तरह ओबीसी वर्ग के कुछ उम्मीदवारों को 81.35 या 81.50 अंक मिलने की बात कही जा रही है, जबकि इस वर्ग के लिए 82 अंक उत्तीर्ण होने की सीमा है।
विपक्ष ने उठाया मुद्दा
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने इस मुद्दे को उठाते हुए उप शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि अभ्यर्थियों के अंकों पर विचार करते हुए मामूली त्रुटियों के कारण असफल घोषित किए गए उम्मीदवारों को राहत दी जाए। अब प्रभावित अभ्यर्थियों को आयोग के अगले फैसले का इंतजार है।
