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किन मांगो को लेकर धरने पर बैठे UPSC अभ्यर्थी, 82 सवाल एक ही कोचिंग नोट्स से मिले, NSUI का बड़ा दावा

एनएसयूआई ने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स 2026 पर गंभीर आरोप लगाया है। छात्र संगठन का आरोप है कि यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 परीक्षा के कई सवाल, पिछले आठ महीनों में एक खास कोचिंग इंस्टिट्यूट द्वारा बांटे गए स्टडी मटीरियल से या तो हूबहू मिलते जुलते थे या सीधे वहीं से लिए गए थे।

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UPSC प्रीलिम्स परीक्षा में 82 सवाल एक ही कोचिंग नोट्स से मिले, NSUI का बड़ा दावा

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने देश की सबसे मुश्किल में से एक यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा पर गंभीर आरोप लगाया है। छात्र संगठन का आरोप है कि UPSC सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 परीक्षा के कई सवाल, पिछले आठ महीनों में एक खास कोचिंग इंस्टीट्यूट द्वारा बांटे गए स्टडी मटीरियल से या तो हूबहू मिलते जुलते थे या सीधे वहीं से लिए गए थे।

एनयूएसआई का आरोप है कि इस साल की प्रीलिम्स परीक्षा में पूछे गए 100 में से 82 सवाल कोचिंग सेंटर अनंतम IAS (Anantam IAS) द्वारा पिछले सात महीनों में अपलोड किए गए स्टडी मटीरियल में मौजूद थे। इसी आधार पर छात्र संगठन ने सवाल उठाया है कि क्या UPSC का पेपर सेट करने वाले लोग कोचिंग माफिया के साथ मिले हुए हैं।

NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ का आरोप

यह आरोप NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने लगाया है। इन आरोपों पर चिंता जताते हुए जाखड़ ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि "देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा की पवित्रता के साथ कोई भी समझौता मंजूर नहीं है। जाखड़ ने कहा कि UPSC परीक्षा सिर्फ एक टेस्ट नहीं है यह लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों, कड़ी मेहनत और सपनों को दिखाती है, जो इसकी तैयारी में अपने जीवन के कई साल लगा देते हैं। अगर ये आरोप सच साबित होते हैं कि बड़ी संख्या में सवाल किसी खास कोचिंग संस्थान के मटीरियल से लिए गए थे, तो यह भरोसे का गंभीर उल्लंघन होगा और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, गोपनीयता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि UPSC जैसे संस्थानों की विश्वसनीयता निष्पक्षता और समान अवसर पर टिकी होती है। परीक्षा प्रक्रिया में किसी को खास तरजीह मिलने, जानकारी लीक होने या गड़बड़ी की कोई भी बात उम्मीदवारों का भरोसा बुरी तरह तोड़ती है और योग्यता व न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करती है। किसी भी हाल में भारत के युवाओं के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।

एनएसयूआई ने यूपीएससी से की अपील

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारत सरकार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और संबंधित जांच एजेंसियों से आग्रह किया है कि वे तुरंत एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच शुरू करें और सभी तथ्य देश के सामने रखें। उन्होंने आगे मांग की कि यदि कोई अनियमितता, गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग या परीक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रदर्शन करने वाले एस्पीरेंट्स की क्या मांग है

बता दें यूपीएससी अभ्यर्थियों द्वारा दिल्ली में प्रदर्शन किया गया है। उम्मीदवारों की प्रमुख मांग सीसैट परीक्षा के स्तर को लेकर रही है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा का स्तर दसवीं कक्षा के बजाय कैट (CAT) और इंजीनियरिंग स्तर का कर दिया गया है। साथ ही अभ्यर्थियों की मांग रही है कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान जिन छात्रों की तैयारी बाधित हुई थी, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए। साथ ही परीक्षा में एक और अटेम्प्ट का मौका दिया जाए। अधिक जानकारी के लिए एक बार ऊपर दी गई वीडियो पर एक नजर डालें।

Kritika Bansal
Kritika Bansalauthor

Kritika Bansal is a Special Correspondent with Times Now with over 6 years of experience in digital journalism. She largely contributes for the Viral desk. Her aim is to bring smiles and positivity to people's lives, offering a refreshing break from the world's tragic events through her work.

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