UP Board Exam 2026: 75 प्रतिशत नहीं है अटेंडेंस, परेशान न हो, यूपी बोर्ड ने लिया बड़ा फैसला
- Authored by: varsha kushwaha
- Updated Feb 13, 2026, 12:33 PM IST
UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस वाले छात्रों को हित में फैसला लेते हुए स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं कि कम अटेंडेंस को आधार बनाकर किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। सभी छात्रों को एडमिट कार्ड दिए जाएंगे और वह 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।
75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस वाले छात्रों के लिए यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला (Photo- Canav)
UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 18 फरवरी 2026 से किया जाएगा। इसका समापन 12 मार्च को होगा। लेकिन इस बीच कई छात्र हैं, जिन्हें एडमिट कार्ड न मिलने और परीक्षा में नहीं बैठ पाने का डर सता रहा है। यह डर छात्रों में केवल इसलिए है, क्योंकि उनकी अटेंडेंस 75 प्रतिशत से कम है। अगर आप भी उन छात्रों में शामिल है, जिनकी किसी वजह स्कूल हाजिरी 75 प्रतिशत से कम है और परीक्षा में न बैठ पाने का डर है तो आप परेशान न हो। क्योंकि यूपी बोर्ड ने इन छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, ताकि उनका साल खराब न हो।
75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस नहीं बनेगी परीक्षा में रुकावट
बता दें की यूपी बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि कम अटेंडेंस के कारण किसी भी बच्चे को परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। सभी को परीक्षा के एडमिट कार्ड दिए जाएंगे और हर छात्र 18 फरवरी को आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा में शामिल होगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का यह फैसला सीधा उन छात्रों के लिए है, जो बीमार पड़ने या अन्य किसी कारण से 75 प्रतिशत अटेंडेंस पूरी नहीं कर पाएं। यूपी बोर्ड का मानना है परीक्षा देना छात्रों का अधिकार है और इससे उन्हें वंचित कोई नहीं कर सकता। कम अटेंडेंस को आधार बनाकर किसी बच्चे को बोर्ड परीक्षा से दूर नहीं किया जा सकता। यह न केवल उनका एक साल बर्बाद करेगा बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है।
53 लाख छात्र दे पाएंगे यूपी बोर्ड परीक्षा
बोर्ड परीक्षा से पहले यूपी बोर्ड के इस फैसले से कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले 53 लाख छात्र बिना रुकावट अब परीक्षा दे पाएंगे। 75 प्रतिशत अटेंडेंस पूरी न होने पर उन्हें परीक्षा न दे पाने का डर नहीं रहेगा। सभी छात्र अपना एडमिट कार्ड लेकर परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।
यूपी बोर्ड के ऐतिहासिक फैसले ने दी छात्रों को राहत
यूपी बोर्ड का सख्त नियम था कि यदि किसी छात्र की अटेंडेंस 75 प्रतिशत से कम है तो उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया जाता था और न भी वह परीक्षा में बैठ सकते थे। लेकिन छात्रों की साल भर की मेहनत खराब न हो, इसे ध्यान में रखते हुए यूपी बोर्ड ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया, जिसमें 75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस वाले छात्रों को परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। सभी छात्रों को उनके एडमिट कार्ड दिए जाएंगे और वह बिना साल खराब होने के डर के परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। इससे कम अटेंडेंस वाले छात्रों ने राहत की सांस ली है।
क्यों लिया बोर्ड ने यह फैसला?
दरअसल, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यह फैसला कई वजहों से लिया है। इस साल कई इलाकों में मौसम की मार, खेती-किसानी के काम और स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों के कारण कई छात्र स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं और उनकी अटेंडेंस कम रह जाती है और छात्र इस वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं। इतना ही नहीं, बोर्ड ने ड्रॉपआउट रेट कम करने के लिए भी यह फैसला लिया है।
