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कक्षा 6 में तीन भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव, CBSE फिर करेगा विचार

कक्षा 6 के छात्रों के लिए CBSE की तीन भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुझाव दिया है। 17 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने CBSE से कहा कि वह इस नीति को 2027 से लागू करने पर विचार करे।

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कक्षा 6 में तीन भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव

Three Language Policy Supreme Court: कक्षा 6 के छात्रों के लिए CBSE की तीन भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुझाव दिया है। गुरुवार, 17 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने CBSE से कहा कि वह इस नीति को अगले शैक्षणिक सत्र यानी 2027 से लागू करने पर विचार करे। CBSE की ओर से 'एडिशनल सॉलिसिटर जनरल' ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड इस सुझाव पर विचार करेगा। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना भी शामिल थे।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सुझाव दिया कि नई तीन भाषा नीति को एक साल के लिए टाल देना बच्चों के लिए बेहतर रहेगा। उनके अनुसार, इससे छात्रों को नई व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

कोर्ट ने यह भी कहा कि जो छात्र फिलहाल कक्षा 6 में पढ़ रहे हैं और इसी साल से तीन भाषाएं पढ़ना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है। यानी मौजूदा छात्रों के लिए इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय इच्छुक विद्यार्थियों को विकल्प देने की बात सामने आई है।

CBSE करेगा दोबारा विचार

CBSE ने कोर्ट के सुझाव पर दोबारा विचार करने की सहमति जताई है। बोर्ड अब इस मामले में दोबारा से सोचेगा और कोर्ट के सामने अपनी बात रखेगा, जिसके बाद यह साफ हो सकेगा कि तीन भाषा नीति को किस शैक्षणिक सत्र से और किस तरीके से लागू किया जाएगा।

इससे पहले केंद्र सरकार और CBSE ने अदालत को बताया था कि कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई से जुड़ी नीति पर कोर्ट के सुझावों के अनुसार काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था में तीन भाषाओं में दो भारतीय मूल की भाषाएं रहेंगी।

CBSE ने इस साल घोषणा की कि कक्षा 9 के सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होंगी और तीसरी भाषा कोई विदेशी भाषा हो सकती है।

Three Language Policy से जुड़े FAQs

1. भारतीय भाषाओं में कौन-कौन सी भाषाएं शामिल हैं?

भारतीय भाषाओं के उदाहरण में हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती, ओड़िया और असमिया जैसी भाषाएं शामिल हैं।

2. क्या तीसरी भाषा विदेशी भाषा हो सकती है?

हां। CBSE के अनुसार तीसरी भाषा गैर-भारतीय भाषा हो सकती है। इसके उदाहरणों में फ्रेंच, जर्मन, अरबी और स्पेनिश जैसी भाषाएं दी गई हैं।

3. कक्षा 6 के छात्रों के लिए क्या नियम है?

अभी कक्षा 6 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं को अनिवार्य किया गया है। वहीं कक्षा 7, 8 और 9 में उन छात्रों के लिए कुछ छूट का प्रावधान बताया गया है, जो पहले से दो गैर-भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हैं।

4. तीन भाषा नीति क्यों लाई जा रही है?

CBSE की यह व्यवस्था National Education Policy (NEP) 2020 और National Curriculum Framework for School Education 2023 के अनुरूप अपने पढ़ाई के ढांचे को तैयार करने का हिस्सा है।

5. क्या अंग्रेजी को गैर-भारतीय भाषा माना गया है?

दिए गए CBSE बयान के अनुसार, गैर-भारतीय भाषाओं के उदाहरणों में अंग्रेजी को भी शामिल किया गया है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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