Rajasthan University MA Sociology Exam: राजस्थान विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक सामने आई है। यहां एमए समाजशास्त्र सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र के स्थान पर आंसर-की वितरित कर दी गई। घटना का पता चलते ही परीक्षा केंद्र पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और छात्रों के साथ साथ परीक्षा कर्मियों में भी हड़कंप मच गया। इस घटना के सामने आने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रों को जो दस्तावेज दिए गए, उन्हें देखकर कई विद्यार्थी हैरान रह गए। छात्रों को पहले लगा कि कोई मॉडल पेपर है लेकिन कुछ ही मिनटों में यह स्पष्ट हो गया कि प्रश्नपत्र की जगह आंसर की बांट दी गई है। विद्यार्थियों ने तुरंत इसकी शिकायत कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच की और गलती की पुष्टि होने पर संबंधित सामग्री वापस एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की।
आंसर की वाला लिफाफा खोल दिया गया
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेपर सेटर द्वारा प्रश्नपत्र और उसकी उत्तर कुंजी अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में भेजी जाती है। लेकिन प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान उत्तर कुंजी वाला लिफाफा गलती से प्रश्नपत्र समझ लिया गया। इसके बाद उसी उत्तर कुंजी की छपाई कर सीलबंद पैकेट तैयार कर परीक्षा केंद्रों पर भेज दिए गए। चूंकि परीक्षा शुरू होने तक सीलबंद लिफाफे नहीं खोले जाते, इसलिए यह गलती समय रहते पकड़ी नहीं जा सकी।यूनिवर्सिटी ने निरस्त की परीक्षा
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। अब एमए समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की यह परीक्षा 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक राकेश राव ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राजस्थान यूनिवर्सिटी की इस चूक ने परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
