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Private Medical College Fees: प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस पर लगेगी लगाम, हाई कोर्ट ने दिया आदेश

Private Medical College Fees: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नया सत्र शुरू होने से छह महीने पहले फीस तय हो जानी चाहिए थी, इसके बावजूद नियामक समिति का गठन नहीं किया गया।

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Private Medical College Fees

Private Medical College Fees: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार के जुलाई के आदेश को रद्द करते हुए शनिवार को गैर-सहायता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेजों में चल रहे विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में 2024-25 सत्र के लिए फीस तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने फीस नियामक समिति को 21 सितंबर तक फीस निर्धारण प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुख्य सचिव को उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है, जिन्होंने फीस नियामक समिति के गठन में देरी की है।

यह फैसला न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने उत्तर प्रदेश अन-एडेड मेडिकल एंड अलॉयड साइंसेज कॉलेज वेल‌फेयर एसोसिएशन व 17 अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया। पीठ ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल उन गैर-सहायता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेजों पर लागू होगा जो न्यायालय में आए हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई में अपने आदेश में कहा था कि इन याचिकाकर्ता कॉलेजों के लिए सत्र 2023-24 के लिए निर्धारित फीस को 2024-25 सत्र के लिए भी बढ़ा दिया गया है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि राज्य सरकार को संबंधित प्रावधान के तहत फीस तय करने का अधिकार नहीं है। फीस नियामक समिति ही विचार के बाद फीस तय कर सकती है। सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नया सत्र शुरू होने से छह महीने पहले फीस तय हो जानी चाहिए थी, इसके बावजूद नियामक समिति का गठन नहीं किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अब समिति को याची संस्थानों की सत्र 2024-25 के लिए शुल्क निर्धारण प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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