ग्रेटर नोएडा। जब कानून की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर सीधे अदालतों की बहसों से जुड़ रही है, ऐसे दौर में CTIL–बेनट इंटरनेशनल मूट कोर्ट कॉम्पिटीशन (BIMCC) 2026 का तीसरा संस्करण एक यादगार आयोजन बनकर उभरा। 6 से 8 फरवरी तक चली इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता ने इंटरनेशनल ट्रेड लॉ, प्रोफेशनल एथिक्स और मॉडर्न लॉयरिंग स्किल्स को एक मंच पर ला दिया। इस आयोजन को स्कूल ऑफ लॉ, बेनेट यूनिवर्सिटी, सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL) और WTO चेयर्स प्रोग्राम (इंडिया चेयर) ने मिलकर आयोजित किया। देश-विदेश से आए लॉ स्टूडेंट्स ने यहां गहन रिसर्च, टाइम मैनेजमेंट और दमदार ओरल आर्ग्युमेंट्स के जरिए अपनी काबिलियत दिखाई।
“कानून जोर से बोलने का नहीं, समझाने का खेल है”
समापन समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पंकज मिथल का संबोधन युवाओं के लिए सबसे प्रेरक पल रहा। उन्होंने बेहद सरल शब्दों में कहा कि “कानून आक्रामक होने का नहीं, प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का हुनर है।” उन्होंने यह भी बताया कि आज मूट कोर्ट्स ने अदालतों को क्लासरूम तक पहुंचा दिया है—बिल्कुल वैसे ही जैसे डिजिटल दौर में सिनेमा हर घर तक पहुंच गया।
जस्टिस मिथल ने छात्रों को याद दिलाया कि टेक्नोलॉजी जरूरी है, लेकिन उसे भारतीय मूल्यों और संवेदनाओं से जोड़ना और भी जरूरी है। उनके मुताबिक, एक अच्छा वकील बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना सबसे अहम है। उन्होंने अपने वक्तव्य की शुरुआत संस्कृत श्लोक “वन्दे वाणी विनायकौ” तथा तुलसीदास की एक चौपाई से की और युवा लॉ स्टूडेंट्स को यह याद दिलाया कि विनम्रता ही समस्त ज्ञान की आधारशिला है।

डॉ. सस्मित पात्रा, संसद सदस्य, राज्यसभा और न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायाधीश, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, III CTIL - बेनेट इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में
ग्लोबल ट्रेड और पॉलिटिक्स पर बातचीत
BIMCC 2026 सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा तक सीमित नहीं रहा। यहां वैश्विक व्यापार, राजनीति और कानून के आपसी रिश्तों पर भी खुलकर चर्चा हुई। सांसद डॉ. सस्मित पात्र ने भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रही ट्रेड बातचीत पर बात करते हुए छात्रों को साफ संदेश दिया- “एक वकील के तौर पर राजनीति को अपनी सोच पर हावी मत होने दीजिए।” वहीं, प्रो. हेनरी गाओ (सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी) ने WTO में सुधारों की जरूरत पर जोर दिया, ताकि बदलती ग्लोबल इकॉनमी के साथ तालमेल बना रहे।
प्रैक्टिस-रेडी लॉयर्स की तैयारी
कार्यक्रम में यह साफ दिखा कि आज की लॉ एजुकेशन सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, बल्कि जॉब और कोर्ट दोनों के लिए रेडी करने पर फोकस कर रही है। प्रो. (डॉ.) रणबीर सिंह ने कानून और टेक्नोलॉजी के बढ़ते कनेक्शन पर बात की। विनीत विज (ग्लोबल जनरल काउंसल, टेक महिंद्रा) ने बेनेट यूनिवर्सिटी के छात्रों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी प्रोफेशनल वर्क कल्चर के चलते कंपनी आगे भी यहां से टैलेंट हायर करती रहेगी। तीन दिन के इस आयोजन में विजेताओं की घोषणा की गई। समापन समारोह में पुस्तक विमोचन हुआ और राष्ट्रगान के साथ BIMCC 2026 का समापन हुआ। BIMCC 2026 ने यह साबित कर दिया कि भारत में इंटरनेशनल ट्रेड लॉ अब सिर्फ एक सब्जेक्ट नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक मजबूत और ग्लोबल करियर पाथ बन चुका है- स्टाइल, स्किल और सब्सटेंस के साथ।
