JoSAA Counselling 2026 : देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों (IIT,NIT और IIT) में दाखिले की रेस जितनी मुश्किल है, उतनी ही पेचीदा इसकी काउंसलिंग प्रक्रिया भी है। हर साल हजारों छात्र JoSAA काउंसलिंग के नियमों और योग्यताओं के फेर में असमंजकस का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक भ्रम इन दिनों ऐसे छात्रों के बीच देखा जा रहा है, जो 12वीं में 75% के अनिवार्य क्राइटेरिया को पूरा नहीं कर पाए हैं और जिन्होंने इम्प्रूवमेंट या फिर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया हुआ है। IIT रुड़की के एक ट्वीट के बाद छात्रों के बीच डेडलाइन को लेकर कशमकश भी तेज हो गई है कि क्या ये राहत सिर्फ IIT के लिए है या फिर NIT-IIIT सिस्टम पर भी लागू होगी ?
सोशल मीडिया और काउंसलिंग हेल्पडेस्ट के बीच एक छात्र का सवाल सामने आया है, जिसमें पूछा गया कि मुझे JoSAA काउंसलिंग के जरिए IIIT नागपुर में सीट अलॉट हुई है। लेकिन फिलहाल मेरे 12वीं में 75% मार्क्स नहीं हैं। IIT रुड़की के एक ट्वीट (या नोटिफिकेशन) के मुताबिक, जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए डाला है, वे अपना संशोधित स्कोर (Revised Score) 15 जुलाई तक जमा कर सकते हैं। मेरा भ्रम यह है कि क्या यह छूट सिर्फ IIT एडमिशन के लिए है या फिर NIT/IIIT पर भी लागू होगी? क्योंकि JoSAA तो दोनों की कंबाइंड काउंसलिंग कराता है।
ये समस्या किसी अकेले छात्र की नहीं है। हर साल रिजल्ट रिवाइज होने की प्रक्रिया और JoSAA की सीट एक्सेप्टेंस फीस जमा करने की तारीखों के बीच तालमेल ना बैठने के कारण सैकड़ों छात्र डिप्रेशन और कन्फ्यूजन का शिकार हो जाते हैं। अगर आप या फिर आपके परिचित भी इसी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं तो JoSAA के नियमों के तहत इसका समाधान दिया गया है-
क्या 15 जुलाई की डेडलाइन NIT/IIIT के लिए भी है?
हां ये दोनों के लिए ही मान्य है। JoSAA एक कंबांइंड काउंसलिंग अथॉरिटी है इसलिए डॉक्यूमेंट्स जमा करने और बोर्ड की पात्रता साबित करने की लास्ट डेट IIT और NIT+सिस्टम (जिसमें IIIT नागपुर भी शामिल है) दोनों के लिए एक सी ही रहती है। अगर कोई बोर्ड 15 जुलाई तक संशोधित रिजल्ट जारी करता है तो उसकी सीट सुरक्षित रहेगी।
क्या करें छात्र ?
- काउंसलिंग के दौरान ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के समय छात्रों को पोर्टल पर एक Undertaking form अपलोड करन होगा। इसमें छात्रों को ये बताना होगा कि उनका परिणाम अब भी अवेडेट है और वो तय सीमा (15 जुलाई) के अंदर अपनी एलिजिबिलिटी साबित कर देगा।
- अगर वेरिफिकेशन ऑफिसर की तरफ से 75% मार्क्स न होने की Query रेज की जाती है तो छात्र को री इवैल्यूएशन का ए़डमिट कार्ड/एप्लीकेशन प्रूफ और अंडरटेकिंग अपलोड कर समय मांगना होगा।
- सुरक्षित भविष्य के लिए छात्र को अलॉट हुए संस्थान (जैसे IIIT नागपुर) और JoSAA के केंद्रीय हेल्पडेस्क को अपनी एप्लीकेशन आईडी के साथ एक आधिकारिक ईमेल भेजकर स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि JoSAA छात्रों को मौका तो देता है लेकिन इसके नियम काफी सख्त हैं। अगर 15 जुलाई तक छात्र का रिवाइज्ड स्कोर बोर्ड जारी नहीं करता या फिर नए स्कोर में भी छात्र 75 प्रतिशत (या टॉप 20 पर्सेंटाइल( हासिल करने में असफल रहता है तो अलॉट की गई सीट ऑटोमैटिकली रद्द कर दी जाएगी। ऐसी संथ्ति में छात्र को CSAB (स्पेशल राउंड) या फिर अगले साल की काउंसलिंग का ही सहारा बचेगा।
