इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन (IITE) का नया अत्याधुनिक परिसर गांधीनगर में 127 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा, राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा और रिवाबा जाडेजा की उपस्थिति में परियोजना का भूमि पूजन किया। नए परिसर में आधुनिक अकादमिक भवन, विज्ञान प्रयोगशालाएं, सेमिनार हॉल, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लाइब्रेरी, संग्रहालय, खेल सुविधाएं और 600 से अधिक छात्रों की क्षमता वाला आधुनिक हॉस्टल बनाया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने कहा कि यह केवल एक नए भवन का निर्माण नहीं, बल्कि ऐसे उत्कृष्ट शिक्षकों के निर्माण की दिशा में नई शुरुआत है जो देश के भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि IITE जैसी संस्थाएं भारत को वैश्विक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षक उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। राज्य सरकार ने इसके समग्र विकास के लिए 127 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप एक बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके तहत सात नई यूनिवर्सिटी स्कूलों की स्थापना की गई है, जो बहु-विषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देंगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा ने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ यह विश्वविद्यालय देश में शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर की बी.एन. हाई स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पढ़ाने वाले शिक्षकों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के डिजिटल संस्करण का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में गांधीनगर की महापौर मीराबेन पटेल, राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ल, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
