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NEET Paper Leak : नीट यूजी पर हाई लेवल सुरक्षा बैठक, सोशल मीडिया कंपनियों को दिए सख्त निर्देश

NEET UG Re Exam : नीट यूजी री एग्जाम को लेकर बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई, ताकि संभावित कमजोरियों की पहले से पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

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NEET-UG Re-Exam

NEET Paper Leak : NEET-UG री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बुधवार को केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई, ताकि संभावित कमजोरियों की पहले से पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

भ्रामक सूचनाएं बनीं चिंता

सरकार की सबसे बड़ी चिंता सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर रही। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री ने दूसरी अहम बैठक में about.meta.com, about.google और telegram.org के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।

फर्जी खबरों पर जताई चिंता

Meta, Google और Telegram के प्रतिनिधियों के साथ अलग बैठक कर सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी सूचनाओं पर चिंता जताई गई। मीटिंग में बताया गया कि परीक्षा से पहले कई Telegram चैनल फर्जी पेपर लीक, क्लिकबेट और अफवाहें फैलाकर छात्रों और अभिभावकों में डर और भ्रम पैदा करते हैं। कई फर्जी लिंक ऑटोमेटेड बॉट्स और नकली ग्रुप्स की तरफ भेजते हैं, जिनका मकसद गलत जानकारी फैलाना है।

'फर्जी सूचना वाले चैनलों को तुरंत हटाएं'

खुफिया एजेंसियों के अनुसार कई संदिग्ध चैनल कुछ सीमित फोन नंबरों से संचालित हो रहे हैं, जिससे संगठित नेटवर्क होने का संकेत मिला है। धर्मेंद्र प्रधान ने फर्जी सूचना फैलाने वाले चैनलों की पहचान, ब्लॉकिंग और तुरंत हटाने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिक्षा मंत्रालय, NTA और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया। सरकार ने कहा कि छात्रों को गुमराह होने से बचाना और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कई चैनल पहले ही हो जाते हैं एक्टिव

अधिकारियों ने बताया कि बड़ी परीक्षाओं से पहले कई ऐसे चैनल बेहद सक्रिय हो जाते हैं, जो फर्जी पेपर लीक के दावे, क्लिकबेट कंटेंट और अपुष्ट जानकारी फैलाकर छात्रों और अभिभावकों में डर, चिंता और भ्रम पैदा करते हैं। यह भी बताया गया कि कई लिंक यूजर्स को ऑटोमेटेड बॉट्स और फर्जी ग्रुप्स की ओर भेजते हैं, जिनका मकसद गलत सूचनाओं को बढ़ावा देना होता है।

शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार कई संदिग्ध चैनल सीमित संख्या में फोन नंबरों के जरिए संचालित किए जा रहे हैं, जिससे संगठित और समन्वित गतिविधि का संकेत मिलता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसे नेटवर्क्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसमें फर्जी जानकारी, प्रोपेगेंडा और परीक्षा से पहले डर फैलाने वाले चैनलों की सक्रिय पहचान, ब्लॉकिंग और हटाने की कार्रवाई शामिल है।

क्या बोले शिक्षा मंत्री ?

मंत्री ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिक्षा मंत्रालय, NTA और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से गलत सूचनाओं पर रोक लगाने और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि छात्रों को भ्रामक सूचनाओं से बचाना और परीक्षा प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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