Oldest NEET UG Aspirant: नीट परीक्षा (NEET UG Exam) कैंसिल होने के साथ ही 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का सपना भी टूट गया। (NEET Paper Leak) उनके सामने कई तरह की चुनौतियां आकर खड़ी हो गईं। इस खबर ने 71 साल के बुजुर्ग अशोक बहार को भी तोड़कर रख दिया, जिन्होंने अपनी मां का सपना पूरा करने के लिये ये परीक्षा दी थी। बीते दिनों 71 साल के अशोक बहार काफी चर्चा में थे क्योंकि वे इस उम्र में नीट परीक्षा देने पहुंचे थे। लेकिन नीट कैंसिल होने से जहां लाखों स्टूडेंट्स को झटका लगा, वहीं अशोक के लिए भी ये खबर किसी सदमे से कम नहीं थी।
एग्जाम कैंसिल होने की खबर का उनपर ऐसा असर हुआ कि वे सीधे अस्पताल जा पहुंची। अब हाल ही में अपनी स्थिति को लेकर उन्होंने बात की और बताया कि उनके लिए नीट पेपर देना बाकि अभ्यर्थियों जितना आसान नहीं था।
मेरे जैसे बुजर्ग के लिए आसान नहीं
NDTV संग बातचीत में उन्होंने बताया कि मेरे जैसे बुजुर्ग इंसान के लिए दोबारा तैयारी करके NEET परीक्षा देना अन्य प्रतिभागियों जितना आसान नहीं है। बता दें कि बीते दिनों 71 साल के बुजुर्ग अशोक खूब सुर्खियों में आ गए थे, जब वे लखनऊ में हजारों प्रतिभागियों के बीच डॉक्टर बनने का सपना लिये एग्जाम सेंटर पहुंचे। अशोक पिछले कई सालों से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए अटेम्प्ट की कोशिश कर रहे थे।
हाईकोर्ट में दायर करेंगे याचिका
जैसे ही उन्हें पता चला कि एग्जाम कैंसिल कर दिया गया है, उनपर खबर का कुछ ऐसा असर हुआ कि वे सीधे अस्पताल जा पहुंचे। उन्होंने बातचीत में बताया कि जब वे स्वस्थ होकर लौटेंगे तो सबसे पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे, जिसमें सीनियर सिटीजन के लिए NEET की एक फीसदी सीट रिजर्व करने की बात होगी।
अशोक बहार ने बताया कि उन्होंने अपनी मां का सपना पूरा करने के लिए ही नीट परीक्षा दी। वे चाहती थीं कि मैं डॉक्टर बनूं क्योंकि मेरे पिता जी एक अच्छे डॉक्टर थे। इसी वजह से मेरी मां ने मेरी शादी एक डॉक्टर लड़की से कराई ताकि डॉक्टर्स फैमिली बढ़ती रही। मेरी पत्नी एक गायनोकॉलोजिस्ट है और NHM में चीफ कंसल्टेंट पर सेवा दे चुकी हैं।
क्या बनना चाहते हैं अशोक बहार
इससे पहले बातचीत में अशोक बहार ने बताया कि वे डॉक्टर बनकर हेपेटोलॉजी में अपना योगदान देने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने बताया कि लिवर की समस्या देश में फैली हुई है, जिसके बारे में लोग अंजान रहते हैं। ऐसे में वे डॉक्टर बनकर लिवर की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ट्रीटमेंट देना चाहते हैं।
