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NEET UG Counselling: AIQ और स्टेट काउंसलिंग में क्या अंतर है? आसान भाषा में समझिए

NEET UG का रिजल्ट आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा AIQ और स्टेट काउंसलिंग की है। कई छात्र पहली बार मेडिकल कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया से गुजरते हैं, इसलिए उन्हें समझ नहीं आता कि दोनों में क्या अंतर है।

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NEET UG Counselling: AIQ और स्टेट काउंसलिंग में क्या अंतर है? (Image - chatGPT)

NEET UG का रिजल्ट आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा दो शब्दों की हो रही है - AIQ और स्टेट काउंसलिंग। कई छात्र पहली बार मेडिकल कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया से गुजरते हैं, इसलिए उन्हें समझ नहीं आता कि दोनों में क्या अंतर है और किस काउंसलिंग में आवेदन करना चाहिए। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो चलिए इस लेख के जरिये इसे समझने की कोशिश करते हैं।

AIQ क्या है? (AIQ kya hai)

AIQ का पूरा नाम All India Quota (ऑल इंडिया कोटा) है। इसके तहत देश के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इस काउंसलिंग का आयोजन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) करती है। इस काउंसलिंग में देश के किसी भी राज्य का NEET योग्य उम्मीदवार भाग ले सकता है। यानी अगर आप बिहार के रहने वाले हैं, तो AIQ के जरिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी सीट पाने की कोशिश कर सकते हैं।

स्टेट काउंसलिंग क्या है? (State Counselling Kya hai)

स्टेट काउंसलिंग का आयोजन संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी करती है। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों और कई राज्यों में निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इसमें आमतौर पर उसी राज्य के निवासी (डोमिसाइल) उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, निजी मेडिकल कॉलेजों के नियम अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकते हैं।

AIQ और स्टेट काउंसलिंग में सबसे बड़ा अंतर क्या है?

दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर सीटों और पात्रता का है। AIQ में देशभर के उम्मीदवार एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिले का मौका मिलता है। वहीं स्टेट काउंसलिंग में संबंधित राज्य की 85 प्रतिशत सरकारी सीटों पर उसी राज्य के पात्र उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

क्या दोनों काउंसलिंग में आवेदन किया जा सकता है?

अगर आप पात्र हैं, तो AIQ और अपने राज्य की स्टेट काउंसलिंग दोनों में अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इससे मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना बढ़ जाती है। दोनों काउंसलिंग की आवेदन प्रक्रिया और शुल्क अलग-अलग हो सकते हैं।

किस काउंसलिंग का आयोजन कौन करता है?

AIQ काउंसलिंग का आयोजन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) करती है। वहीं स्टेट काउंसलिंग का आयोजन संबंधित राज्य की मेडिकल काउंसलिंग अथॉरिटी या स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाता है।

किसे काउंसलिंग में ज्यादा फायदा मिल सकता है?

अगर आपका NEET स्कोर अच्छा है और आप देश के किसी भी राज्य में पढ़ाई करने के लिए तैयार हैं, ऐसे में AIQ आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

वहीं, यदि आप अपने राज्य में ही मेडिकल कॉलेज लेना चाहते हैं या राज्य कोटा का लाभ लेने के बारे में विचार कर सकते हैं, ऐसे में स्टेट काउंसलिंग में हिस्सा लें।

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अगर आप NEET UG 2026 में सफल हुए हैं, तो सिर्फ AIQ या सिर्फ स्टेट काउंसलिंग पर निर्भर न रहें। पात्रता होने पर दोनों में आवेदन करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। इससे आपके पास ज्यादा मेडिकल कॉलेजों और सीटों के विकल्प होंगे, जिससे दाखिला मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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