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भारत के चार बच्चों का NASA जाने का सपना हुआ पूरा, ओलंपियाड में किया था शानदार प्रदर्शन

मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले देश के चार स्कूली छात्रों का चयन NASA विजिट के लिए हुआ है। इनमें राजस्थान की गौरांगी शर्मा, हरियाणा की आयशा और मध्य प्रदेश के शुभ जैन व जयप्रकाश पांडे शामिल हैं।

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4 indian student visit to NASA

मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले देश के चार स्कूली छात्रों का चयन NASA विजिट के लिए हुआ है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद पूरे देश से सिर्फ चार छात्रों को इस अवसर के लिए चुना गया है। इनमें राजस्थान की गौरांगी शर्मा, हरियाणा की आयशा और मध्य प्रदेश के शुभ जैन व जयप्रकाश पांडे शामिल हैं।

इन चारों छात्रों की उपलब्धि की घोषणा जयपुर के होटल मैरियट में आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में की गई। NASA विजिट के लिए चयनित होने के बाद छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़े क्षेत्रों को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

नासा में रॉकेट साइंस और स्पेस रिसर्च की समझ बढ़ाएंगे

नासा की यात्रा के दौरान चारों छात्र रॉकेट साइंस, स्पेस रिसर्च और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषयों से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे। उन्हें अत्याधुनिक लैब्स और वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा वे वैज्ञानिकों से बातचीत कर अंतरिक्ष विज्ञान और रिसर्च के बारे में भी समझ विकसित कर सकेंगे।

यह अनुभव छात्रों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें किताबों में पढ़ी जाने वाली वैज्ञानिक अवधारणाओं (Scientific concepts) को वास्तविक दुनिया में देखने और समझने का मौका मिलेगा।

राजस्थान के सवाई माधोपुर की रहने वाली गौरांगी शर्मा खंडार क्षेत्र से हैं और विद्या दायिनी सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती हैं। वह इस उपलब्धि को अपने लिए सपने के सच होने जैसा मानती हैं और भविष्य में वैज्ञानिक बनकर देश के लिए काम करना चाहती हैं।

वहीं हरियाणा की आयशा और मध्य प्रदेश के शुभ जैन व जयप्रकाश पांडे ने भी ओलंपियाड में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी जगह बनाई है। चारों छात्रों के परिवार और स्कूल इस उपलब्धि से बेहद उत्साहित हैं।

क्या है मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स?

मिटश्योर ओलंपियाड मास्टर्स एक राष्ट्रीय स्तर की स्कूली प्रतियोगिता है। इसका उद्देश्य बच्चों में विषयों की बेहतर समझ के साथ लॉजिकल थिंकिंग, समस्या हल करने की क्षमता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी स्किल विकसित करना है।

यह ओलंपियाड कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें स्कूल, जिला, स्टेट/जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की रैंकिंग और पुरस्कार दिए जाते हैं। कुछ विषयों में कक्षा 6 से 10 के छात्रों के लिए इंटरनेशनल लेवल पर भी प्रतियोगिता होती है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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