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MBA की डिग्री भी नहीं सिखा सकती 'सही फैसले लेने की समझ', अंकुर वारिकू ने बताई 5000 रुपये से कम की 5 लाइफ-चेंजिंग बुक्स

मोटिवेशनल स्पीकर Ankur Warikoo का मानना है कि लाइफ में कई ऐसी बेहद जरूरी लाइफ स्किल्स और बिजनेस के प्रैक्टिकल सबक हैं, जो लाखों रुपये की एमबीए डिग्री भी आपको नहीं सिखा सकती, जो आपको 5 हजार से कम की 5 किताबें सिखा सकती हैं। आइए जाने उन किताबों के बारे में।

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Ankur Warikoo ने बताईं 5000 रुपये से कम की 5 लाइफ-चेंजिंग बुक्स (Photo - AI)

दुनिया भर में 'मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन' यानी MBA का क्रेज रहता है। हर साल लाखों युवा एक सिक्योर करियर, तगड़े सैलरी पैकेज और बिजनेस वर्ल्ड में पहचान बनाने का सपना लेकर एमबीए कोर्स में दाखिला लेते हैं। एमबीए कोर्स को लेकर लोगों की धारणा है कि दो साल की यह डिग्री न सिर्फ आपको कॉर्पोरेट की जटिलताएं और बिजनेस के पैंतरे सिखाती है, बल्कि लाइफ में प्रैक्टिकल फैसले लेने और हर सिचुएशन को हैंडल करने के साथ टाइम मैनेजमेंट की समझ भी देती है। लेकिन क्या सच में 2 साल का वक्त और लाखों रुपये की भारी-भरकम फीस ही आपको एक सफल लीडर बना सकती है और आपके सभी सवालों के जवाब दे सकती है।

इस पर मशहूर एंटरप्रेन्योर, लेखक, कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) की सोच अलग है। अंकुर का मानना है कि कई ऐसी बेहद जरूरी लाइफ स्किल्स और बिजनेस के प्रैक्टिकल सबक हैं, जो लाखों रुपये की एमबीए डिग्री भी आपको नहीं सिखा सकती। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जो दो साल का एमबीए नहीं पढ़ा सकता, उन्हें आप 5,000 से भी कम खर्च में सिर्फ 5 किताबें पढ़कर सीख सकते हैं। आइए जानते हैं अंकुर वारिकू द्वारा सजेस्ट की गई उन 5 किताबों के बारे में, जो आपके सोचने और काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती हैं।

ये 5 किताबें सिखाती हैं 'सही फैसले लेने की समझ'

अंकुर वारिकू का मानना है कि तेजी से बदलती इस दुनिया में सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती है कि आपके पास कितनी सारी डिग्रियां है। यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपके पास कोई बना-बनाया तरीका या प्लेबुक न होने पर आप जीवन को लेकर कितना सटीक फैसले ले सकते हैं। उनका मानना हैं कि MBA करने में लाखों रुपये की मोटी फीस और आपकी जिंदगी के 2 साल लग जाते हैं। इसके बावजूद, MBA सिर्फ यही सिखाता है कि बिजनेस को कागजों और नियमों के हिसाब से कैसे चलाना चाहिए, लेकिन असल में दुनिया किसी सेट टेम्पलेट पर नहीं चलती है। वह कहते हैं 5000 से कम की यह किताबें आपकी सोच को बदलती है। यह आपकी सहज समझ को तेज करें और आपको वह सबसे कीमती स्किल सिखाएंगी जो कोई डिग्री नहीं सिखा सकती—सही फैसला लेने की समझ। आइए जानते हैं उन पांच किताबों के बारे में और उन पर अंकुर वारिकू का क्या व्यू है।

'द आर्ट ऑफ वॉर' (The Art of War) – सन त्ज़ू

मुख्य सीख: स्थिति की सही समझ और समय की पहचान।

यह किताब आपको लोगों के मनोविज्ञान को समझना, अपनी पावर का सही इस्तेमाल करना और सही मौके को पहचानना सिखाती है। यह आपको ताकत के बल पर संघर्ष करने के बजाय ऐसी मजबूत स्थिति बनाने का हुनर सिखाती है।

'ज़ीरो टू वन' (Zero to One) – पीटर थिएल और ब्लेक मास्टर्स

मुख्य सीख: प्रतियोगिता से हटकर कुछ नया और अनूठा रचना।

यह किताब आपकी मानसिकता को पूरी तरह बदल देती है। यह आपको "दूसरों से कैसे जीते?" सोचने के बजाय यह सोचना सिखाती है कि "मैं ऐसी क्या अनोखी चीज बनाऊं, जो खुद में ही एक बड़ी जीत हो?" इस सोच के साथ करियर ग्रोथ के साथ पर्सनल ग्रोथ भी अच्छी होती है।

'द इनोवेटर्स डिलेमा' (The Innovator's Dilemma) – क्लेटन एम. क्रिस्टेंसन

मुख्य सीख: ग्रोथ के नए रास्ते तलाशना और बदलाव को अपनाना।

यह किताब बताती है कि बिजनेस या करियर में ग्रोथ हमेशा अपनी पुरानी खूबियों पर ही जोर देते रहने से नहीं मिलती। कई बार पुरानी और सफल रणनीतियां भी फेल हो जाती हैं, अगर आप समय रहते खुद को नए बदलावों के अनुसार नहीं ढालते हैं तो।

'रीवर्क' (Rework) – डेविड हेनेमेयर हैंसन और जेसन फ्राइड

मुख्य सीख: जरूरत से ज्यादा प्लानिंग को छोड़ना और तेजी से काम करना।

इस बुक से हमें यह ज्ञान मिलता है कि आप जिन ज़्यादातर नियमों का पालन कर रहे हैं, वे ऐसी दुनिया के लिए बने थे जो अब नहीं रही। इस किताब को पढ़ने के बाद आप यह पूछना बंद कर देंगे कि "इसे करने का सही तरीका क्या है?" और ज़रूरत से ज़्यादा प्लानिंग में लगने वाले सालों को बचा पाएंगे।

'शू डॉग' (Shoe Dog) – फिल नाइट

मुख्य सीख: बिजनेस की जमीनी हकीकत और निरंतरता।

नाइकी (Nike) के संस्थापक फिल नाइट की यह ऑटोबायोग्राफी दिखाती है कि MBA आपको सिखाता है कि बिजनेस कैसे बनाए जाने चाहिए। यह किताब दिखाती है कि वे असल में कैसे होते हैं। यह मोमेंटम और सफलता के बारे में आपके नजरिए को बदल देगी।

इन किताबों के सजेशन देते हुए अंकुर ने बताया कि ये किताबें आपको किसी सवाल का रटा-रटाया जवाब तो नहीं दे सकती हैं, लेकिन ये आपको वह नजरिया जरूर देंगी जो दूसरों की नजरों से छूट जाता है। इन किताबों को पढ़ने का बाद आपका नजरिया आम नहीं रहेगा। आप वह भी देख पाएंगे, जो अधिकांश लोग नहीं देख और समझ नहीं पाते हैं। जब आपके सामने कोई गाइडबुक या नियम न हों, तब आप कैसे सही फैसला ले सकते हैं, जोखिम को भांपने और अपनी समझ को निखारने के लिए उनका मानना है कि हर छात्र और युवा को ये 5 किताबें पढ़नी चाहिए।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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